एस. पी. सक्सेना/रांची (झारखंड)। झारखंड में सूचना आयोग, मानवाधिकार आयोग तथा लोकायुक्त का आज तक गठन नहीं होना, इसके लिए भाजपा सौ प्रतिशत दोषी है, जिसे झुठलाया नही जा सकता। भाजपा द्वारा नेता विरोधी दल का चयन नहीं करने के कारण आज तक सूचना आयोग, मानवाधिकार आयोग तथा लोकायुक्त का गठन नही हो सका है।
उपरोक्त बाते आदिवासी मूलवासी जनाधिकार मंच के केन्द्रीय उपाध्यक्ष सह विजय शंकर नायक ने भाजपा द्वारा 22 फरवरी तक नेता प्रतिपक्ष के चयन नहीं किए जाने पर अपनी प्रतिक्रिया में कही।
उन्होंने कहा कि इससे पूर्व पांच वर्षो तक नेता प्रतिपक्ष का चयन नहीं किया गया। जिस विधायक का चयन किया, वह विवादो में घिरे रहे। उसके बाद भी राज्य हित मे भाजपायी दूसरे विधायक का चयन नहीं कर पूरे पांच साल तक बिना विरोधी दल नेता के बिना विधान सभा को चलाना राज्य की जनता के साथ धोखा करना था।
नायक ने कहा कि अब भी नेता प्रतिपक्ष का चयन नहीं किया गया है, जिससे राज्य के महत्वपूर्ण आयोगों का गठन नहीं हो पा रहा है, क्योंकि बिना नेता प्रतिपक्ष के अनुशंसा के इन आयोगों का गठन किया ही नहीं जा सकता। प्रतिपक्ष के नेता का चयन नहीं किए जाने से राज्य की जनता से संबंधित आयोग आज वर्षो से मृतप्राय है जो राज्य की जनता के लिए शुभ संकेत नहीं है।
नायक ने भाजपा नेताओ से अपील किया कि वे सिर्फ आलोचनात्मक नीति से दूर होकर राज्य हित एवं जनहित में सकरात्मक राजनीति करने का कार्य करे, जिससे राज्य की जनता का भला हो और राज्य की जनता का चहुंमुखी विकास हो सके। उन्होंने भाजपा केन्द्रीय आलाकमान से राज्यहित में मांग किया कि वे नेता प्रतिपक्ष का जल्द से जल्द चयन करे, ताकि उसका लाभ झारखंड की जनता को मिल सके। कहा कि जो आयोग बिना विपक्ष के नेता के अनुशंसा के बगैर नहीं बन रहे है, वह बन सके।
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