ममता सिन्हा/तेनुघाट (बोकारो)। झालसा रांची के निर्देशानुसार प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार बोकारो रंजना अस्थाना के मार्गदर्शन में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर तेनुघाट जेल में बंदियों के बीच जेल अदालत सह विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
जानकारी के अनुसार आयोजित जेल अदालत सह विधिक जागरूकता कार्यक्रम के लिए एक बेंच का गठन किया गया था, जिसमें एसडीजेएम दीपक कुमार साहु और पैनल अधिवक्ता पुनीत लाल प्रजापति उपस्थित थे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एसडीजेएम साहू द्वारा बंदियों को प्रदान किए जाने वाले विभिन्न विधिक सहायता के बारे में बताते हुए कहा गया कि नालसा नई दिल्ली एवं झालसा रांची द्वारा बंदियों के लिए विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम समय-समय पर चलाए जा रहे हैं।
जिनके माध्यम से उन बंदियों को उचित विधिक सहायता प्रदान की जाती है। इसी के तहत प्रत्येक महीने जेल अदालत का आयोजन किया जाता है। उन्होंने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकार के माध्यम से कारा में संसीमित बंदियों को निरंतर विधिक सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बंदियों के बीच से ही पारा लीगल वॉलिंटियर्स की नियुक्ति की गई है।
जो निरंतर बंदियों के संपर्क में रहकर उनकी समस्याओं को कारा प्रशासन के माध्यम से विधिक सेवा प्राधिकार तक पहुंचाते हैं। जहां अनुमंडल विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा त्वरित संज्ञान लेते हुए उनकी समस्याओं का समाधान करने की दिशा में कार्य किया जाता है।
उन्होंने कहा कि वैसे बंदी जो स्वयं के खर्च पर अपना अधिवक्ता रख पाने में असमर्थ हैं, उनके लिए सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर लीगल एड डिफेंस काउंसिल के तहत अधिवक्ताओं की प्रतिनियुक्ति की गई है, जो उन बंदियों के केस में संबंधित न्यायालय में निरंतर पैरवी करते हैं। उन्होंने बताया कि बंदियों के मामलों की निरंतर मॉनिटरिंग भी विधिक सेवा प्राधिकार के माध्यम से की जाती है।
बंदियों को पैनल अधिवक्ता पुनीत लाल प्रजापति आदि ने भी कानूनी जानकारी दी। स्वागत भाषण जेल अधीक्षक अनिमेष चौधरी, मंच संचालन अधिवक्ता सुभाष कटरियार और धन्यवाद ज्ञापन जेलर नीरज कुमार ने किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में सुजय आनंद, विजय कुमार एवं जेल कर्मियों की भूमिका सराहनीय रही।
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