राजेश कुमार/बोकारो थर्मल (बोकारो)। विस्थापित प्रमाण पत्र सहित अन्य बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर गोविंदपुर परियोजना के समीप लहरियाटांड़ के विस्थापितों द्वारा बीते 15 जुलाई से लगातार दिए जा रहे धरना आंदोलन वार्ता के बाद समाप्त हो गया।
जानकारी के अनुसार सीसीएल क्षेत्रीय तथा परियोजना के अधिकारियो के साथ 2 सितंबर को संपन्न समझौता वार्ता के बाद समाप्त हो गया। यहां सीसीएल कथारा प्रक्षेत्र के महाप्रबंधक संजय कुमार एवं गोविंदपुर परियोजना पदाधिकारी एके तिवारी के आश्वासन पर बिस्थापितो का आंदोलन समाप्त हुआ।
इस संबंध में कथारा क्षेत्र के महाप्रबंधक संजय कुमार ने बताया कि लहरियाटांड़ गांव के विस्थापितों का एक महीने के अंदर विस्थापित प्रमाण पत्र, सड़क मरममती, पेय जल आदि समस्याओं का समाधान कर दिया जाएगा। वहीं लहरीयाटाड ग्राम विकास समिति के सचिव दुलेश्वर प्रजापति सहित अन्य ग्रामीणों ने कहा कि आंदोलन के 49वें दिन क्षेत्र के महाप्रबंधक के आश्वासन पर ग्रामीण द्वारा धरना को समाप्त किया जा रहा है, मगर मांग यदि पूरा नहीं होता है, तो ग्रामीण एक माह बाद फिर से सूचना देकर चक्का जाम कर देगे।
यहां लहरियाटांड़ के ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 1980 में उनकी जमीन को सीसीएल गोविन्दपुर परियोजना के द्वारा अधिग्रहण किया गया था। जिसके बाद हम सभी भूमि हीन हो गए हैं। जमीन अधिग्रहण करने के बाद भी विस्थापितों को पुनर्वासित नही किया गया। जिस कारण लहरियाटांड़ गांव में ही 44 वर्षो से रह रहे है।
सीसीएल प्रबंधन के द्वारा न तो पुनर्वासित किया गया है और न ही जमीन का मालिकाना हक दी दे रही है। इसके अलावे सीसीएल प्रबंधन गांव में कोई भी विकास कार्य भी नही करवा रही है। जिस कारण हम ग्रामीणों की स्थिति बद से बदतर हो गई है। कहा गया की विस्थापन प्रमाण पत्र न मिलने से ग्रामीण सरकारी योजनाओं सहित अन्य सुविधाओं से भी वंचित हैं। विस्थापितों की प्रमुख मांगों में विस्थापन प्रमाण पत्र जारी करना, गांव के मुख्य सड़क का निर्माण और पानी की समस्या हल करना आदि शामिल है।
इस अवसर पर वार्ता में सीसीएल कथारा क्षेत्र के महाप्रबंधक संजय कुमार, गोबिंदपुर फेज दो के परियोजना पदाधिकारी ए. के. तिवारी, महाप्रबंधक के तकनीकी सहायक, कार्मिक प्रबंधक, बिस्थापितों कि ओर से समिति के अध्यक्ष चंद्रिका रजक, सचिव दुलेश्वर प्रजापति, बेरमो प्रखंड उप प्रमुख बिनोद साव, रामेश्वर प्रसाद, घनश्याम रजक, आदि।
मुलचंद प्रजापति, चोला राम प्रजापति, कालेश्वर रजक, मानिक चंद प्रजापति, प्रेम चंद प्रजापति, कृष्ण रजक, राजेश रजक, राजन प्रसाद, आनंद प्रजापति, लालचंद प्रजापति, मोहन प्रजापति, जगदीश प्रजापति, निर्मल प्रजापति, द्वारिका रजक, प्रदीप कुमार आदि ग्रामीण रहिवासी उपस्थित थे।
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