एस. पी. सक्सेना/समस्तीपुर (बिहार)। समस्तीपुर जिला (Samastipur district) के हद में सरायरंजन के रूपौली निवासी खलील रिजवी हत्याकांड की उच्च स्तरीय जांच कराने, मृतक के परिजनों को 20 लाख रुपये मुआवजा एवं परिजन को नौकरी देने, आदि।
नफरत की राजनीति पर रोक लगाने व उजियारपुर थाना हाजत में असम के महिला के संदिग्ध मौत की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग को लेकर इनौस के कार्यकर्ताओं ने 24 फरवरी को इंकलाबी नौजवान सभा प्रखंड कमिटी पूसा के झंडा-बैनर एवं मुख्यमंत्री (Chief minister) का आकर्षक पूतला लेकर गढ़िया हाट से जुलूस निकाला।
मांगों से संबंधित नारे लगाते हुए मार्च गढ़िया क्षेत्र का भ्रमण कर गढ़िया चौक पहुंचकर सभा में तब्दील हो गया। सभा की अध्यक्षता इनौस प्रखंड सचिव कृष्ण कुमार ने की। सभा को इनौस जिलाध्यक्ष राम कुमार, महेश कुमार, दीप नारायण राय, रवि रंजन, रमेश कुमार, संजय कुमार, आदि।
मंजय कुमार, सुनील कुमार, विजय शंकर झा, सुख देव सहनी, भाग्य नारायण राय , गुड्डू कुमार, राम बाबू पासवान, विवेक कुमार, डॉ कृष्ण कुमार, शंकर महतो, असगर, उमेश ठाकुर समेत अन्य कार्यकर्ताओं ने सभा को संबोधित करते हुए नफरत की राजनीति के खात्मे को नीतीश- मोदी सरकार के खिलाफ संघर्ष तेज करने की घोषणा की।
मौके पर इनौस जिलाध्यक्ष राम कुमार ने कहा कि नफरती ताकतें समस्तीपुर को प्रयोग स्थल बना लिया है। कभी आधारपुर तो कभी अलतलहा तो फिर कभी मियांटोली के नाम पर तथाकथित संगठन के कार्यकर्ता साजिश के तहत हमलावर रहे हैं।
नफरत की राजनीति के खिलाफ अमन, चैन, भाईचारे की राजनीति को स्थापित करने को शांतिकामी जिलेवासी आगे आएं तथा आगामी 28 फरवरी को आयोजित मुसरी घरारी के न्याय यात्रा में शामिल होने की अपील की। इसलिए अवसर पर कार्यकर्ताओं ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का पूतला फूंका।
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