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दीप प्रज्ज्वलन के साथ तीन दिवसीय सब-जूनियर कबड्डी खेल प्रतियोगिता का शुभारंभ

दिशोम गुरु शिबू सोरेन की स्मृति में 13वीं झारखंड राज्य कबड्डी प्रतियोगिता का शुभारंभ

एस. पी. सक्सेना/बोकारो। दिशोम गुरु शिबू सोरेन की स्मृति में 22 अक्टूबर से आयोजित तीन दिवसीय 13वीं झारखंड राज्य सब-जूनियर कबड्डी प्रतियोगिता का शुभारंभ बोकारो के सेक्टर चार स्थित एमजीएम हायर सेकेंडरी स्कूल परिसर में किया गया। कार्यक्रम का आरंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में टुंडी विधायक सह मुख्य सचेतक झारखंड विधानसभा एवं झारखंड कबड्डी एसोसिएशन के संरक्षक मथुरा प्रसाद महतो, जिला उपायुक्त अजय नाथ झा, डीडीसी शताब्दी मजूमदार, जिला खेल पदाधिकारी हेमलता बुन, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी अविनाश कुमार सिंह एवं बोकारो जिला कबड्डी संघ के अध्यक्ष गोपाल ठाकुर सहित अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित थे।

उपस्थित अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर आयोजन की सफलता की शुभकामनाएं दीं और दिशोम गुरु शिबू सोरेन को नमन किया। मौके पर विधायक मथुरा प्रसाद महतो ने कहा कि कबड्डी हमें संघर्ष और आत्मविश्वास की सीख देती है। उन्होंने कहा कि कबड्डी ऐसा खेल है जिसमें महंगे संसाधनों की आवश्यकता नहीं होती, लेकिन यह खेल जीवन के हर क्षेत्र में उपयोगी संघर्ष, रणनीति और आत्मसंयम का पाठ सिखाता है।

उन्होंने कहा कि कबड्डी हमें यह सिखाती है कि बिना किसी संसाधन के भी यदि इच्छाशक्ति और अनुशासन हो, तो सफलता निश्चित है। यही जीवन का सच्चा खेल भाव है। विधायक ने कहा कि बोकारो जिला प्रशासन द्वारा राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन की पहल से खिलाड़ियों का हौसला बढ़ा है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस तरह के आयोजन से झारखंड के युवाओं को नई दिशा मिलेगी और वे राष्ट्रीय मंच पर राज्य का नाम रौशन करेंगे।

जिला उपायुक्त अजय नाथ झा ने कहा कि जिला प्रशासन न केवल प्रशासनिक कार्यों में बल्कि खेलों के प्रोत्साहन में भी सक्रिय भूमिका निभा रहा है। उन्होंने बताया कि बोकारो जिले में खेलों को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाने के लिए सभी खेलों के लिए वार्षिक खेल कैलेंडर बनाने की प्रक्रिया अपनाई गई है। कहा कि हमारा लक्ष्य बोकारो जिले में प्रतिवर्ष 3 राष्ट्रीय और 5 राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं का आयोजन करना है, ताकि जिले के खिलाड़ियों को बड़े मंच तक पहुँचने का अवसर मिले।

उन्होंने कहा कि कबड्डी का खेल केवल शारीरिक नहीं, बल्कि मानसिक मजबूती और रणनीतिक सोच को भी निखारता है। कहा कि खेल के मैदान में कोई हारता नहीं, हर खिलाड़ी अनुभव से जीतता है, और जीत हमेशा खेल की होती है।
उपायुक्त झा ने बताया कि यहां आयोजित तीन दिवसीय सब जूनियर कबड्डी प्रतियोगिता में राज्य के विभिन्न जिलों से कुल 43 टीमें (21 महिला एवं 22 पुरुष) भाग ले रहे है। खिलाड़ियों ने उत्साह पूर्वक अपनी टीमों का प्रतिनिधित्व किया। यह सिर्फ शुरुआत है। आने वाले दिनों में बोकारो जिले में और भी कई राज्य व राष्ट्रीय स्तर के खेल का आयोजन होगा।

उपायुक्त ने कहा कि खेलों में महिलाओं की भागीदारी समाज के विकास का सशक्त संकेत है। कहा कि महिलाओं को प्रोत्साहित करने और उनके लिए खेलों में समान अवसर प्रदान करने की दिशा में जिला प्रशासन व खेल विभाग निरंतर प्रयासरत हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को खेल के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाना ही सच्चा सशक्तिकरण है।

इस अवसर पर खेल जगत की कई जानी-मानी हस्तियाँ उपस्थित थी। जिसमें इंटरनेशनल कोच एवं इंटरनेशनल ट्रेनर (लेवल-3) के. जगमोहन, इंटरनेशनल कबड्डी रेफरी एवं पीकेएल सीजन-3 बेस्ट रेफरी अवार्ड विजेता राणा रणजीत सिंह, प्रो कबड्डी कोच (तमिल) आनंद यादव, कबड्डी एसोसिएशन झारखंड के अध्यक्ष विपिन कुमार सिंह, सचिव मुकेश कुमार सिंह, अध्यक्ष जगदीश कुमार, कनवेनर आलोक कुमार आदि शामिल रहे। सभी अतिथियों ने खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दीं और कहा कि ऐसे आयोजन झारखंड को खेल मानचित्र पर और ऊँचाई देंगे। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित अतिथियों ने खिलाड़ियों से कहा कि खेल केवल प्रतिस्पर्धा का माध्यम नहीं, बल्कि एकता, अनुशासन और आत्मबल का प्रतीक है। कहा गया कि जब युवा खेलेंगे, तभी राष्ट्र आगे बढ़ेगा।

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