रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। शुभ श्रावण शुक्ल पक्ष एकादशी तिथि बीते 15 अगस्त को बोकारो में स्थित वृक्ष के मूल भाग में भगवान विष्णु की विधिवत पूजा अर्चना से किया गया।
इस महोत्सव का आयोजन बोकारो के पर्यावरण-मित्र चौक स्थित पर्यावरण-मित्र वाटिका में विद्यमान मनोकामन सिद्धि देववृक्ष कल्पतरु के स्थान पर हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी स्वास्थ्य एवं पर्यावरण संरक्षण संस्थान द्वारा जन कल्याणार्थ किया गया है। ज्ञात हो कि, कल्पतरु देववृक्ष है तथा इससे श्रद्धा पूर्वक जो भी मनोकामना मांगी जाती है वह पूरी होती है। इसलिए इसे मनोकामना सिद्धि वृक्ष भी कहा जाता है।
मान्यता के अनुसार यह देववृक्ष कल्पतरु ब्रम्हा, विष्णु और शिव स्वरूप त्रिदेव की तरह पूजित है। इसके मूल भाग में भगवान विष्णु की तना भाग में, भगवान ब्रह्मा की और शाखाओं में भगवान शिव की पूजा की जाती है। समुद्र मंथन से प्राप्त चौदह रत्नों में से एक देववृक्ष कल्पतरु भी है और यह उसी कल्पतरु का अंश है।
महोत्सव के दूसरे दिन शुभ श्रावण मास शुक्लपक्ष की द्वादशी तिथि 16 अगस्त को प्रातः 7 बजे से मनोकामना सिद्धि देववृक्ष कल्पतरु के तना भाग में भगवान ब्रह्मा की विधिवत पूजा अर्चना कर बोकारो के समस्त नागरिकों सहित राज्य एवं पूरे देश के कल्याणार्थ आशीर्वाद मांगा गया।
महोत्सव के तीसरे और अंतिम दिन शुभ श्रावण शुक्ल त्रयोदशी तिथि 17 अगस्त को प्रातः 7 बजे से मनोकामनसिद्धि देववृक्ष कल्पतरु की शाखाओं में देवाधिदेव महादेव भगवान शिव की पूजा अर्चना की जाएगी। तत्पश्चात कल्पतरु के शिव स्वरूप का रुद्राभिषेक किया जाएगा। श्रद्धालु इस विशेष पूजा एवं रुद्राभिषेक में सम्मिलित हो रहे हैं।
विद्वान आचार्य पं. चंदन शास्त्री द्वारा पूजा शास्त्रीय विधि से संपन्न कराई जा रही है।यजमान के रूप में संस्था के महासचिव शशि भूषण ओझा ‘मुकुल’, वृक्ष बचाओ अभियान के संयोजक वीरेंद्र चौबे, नशामुक्ति अभियान के संयोजक लक्ष्मण शर्मा एवं युवा समाजसेवी शीतल समीर चौबे, पं. जय प्रकाश पांडेय ने कल्पतरु की पूजा की तथा दर्शक रूप में संस्थान के सचिव बबलू पांडेय के साथ कई पर्यावरण प्रेमी और समाज सेवी उपस्थित थे।
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