एस. पी. सक्सेना/रांची (झारखंड)। केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड के पलामू जिला के हद में स्थित राजहरा ओपन कास्ट कोलियरी नवसंचालन का 17 जनवरी को विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर वृक्षारोपण, दीप प्रज्वलन तथा पारंपरिक रीति-रिवाजों से अतिथियों का स्वागत किया गया।
इस अवसर पर उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री दुबे ने कहा कि कोयला स्वयं जलकर देश को प्रकाशित करता है। हमारे कोल कर्मी हर परिस्थिति में देश के लिए कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि हम केवल कोयला उत्पादन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि योजनाबद्ध तरीके से पर्यावरण संरक्षण, हरियाली एवं स्थानीय युवाओं को रोजगार देने का कार्य भी कर रहे हैं।
अब ओबी को केवल फेंका नहीं जाता, बल्कि उसमें क्रिटिकल मिनरल्स की खोज हेतु अनुसंधान किया जा रहा है। कहा कि फर्स्ट माइल कनेक्टिविटी से कम समय में रेल बोगियों में कोयला लोड किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में कोयला उद्योग की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि कोल इंडिया लाखों देशवासियों के प्रत्यक्ष तथा अप्रत्यक्ष रोजगार एवं जीवकोपार्जन का साधन है।
सीएसआर योजनाओं के तहत शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सामाजिक विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। नन्हा सा दिल, सीसीएल के लाल और सीसीएल की लाडली एवं जेएसएसपीएस जैसी योजनाओं से बच्चों एवं युवाओं को नई दिशा मिल रही है। इस अवसर पर उपस्थित झारखंड के पुर्व डीजीपी सह पलामू सांसद बी. डी. राम ने कहा कि राजहरा कोलियरी यहां की जनता को समर्पित है। यह परियोजना क्षेत्र में रोजगार, विकास एवं सामाजिक उत्थान का माध्यम बनेगी।
सीसीएल यहां के रहिवासियों और क्षेत्र के हित में निरंतर कार्य करता रहेगा। वहीं, सीसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक निलेंदु कुमार सिंह ने मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राजहरा कोलियरी के प्रति जनता का स्नेह यह प्रमाणित करता है कि यह परियोजना क्षेत्र के रहिवासियों से गहराई से जुड़ी हुई है। बड़ी संख्या में महिलाओं की सहभागिता इस बात का संकेत है कि राजहरा कोलियरी जन आस्था का केंद्र है। कहा कि सीसीएल क्षेत्रीय विकास के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है।
कार्यक्रम में सीएमडी सिंह द्वारा मंत्री एवं सांसद का बुके व श्रीफल देकर स्वागत किया गया। कार्यक्रम के दौरान कोल इंडिया का कॉरपोरेट गीत, छात्रों द्वारा स्वागत गीत एवं गणेश वंदना प्रस्तुत की गई। इस अवसर पर सीसीएल के निदेशक (मानव संसाधन) हर्ष नाथ मिश्र, निदेशक (तकनीकी/संचालन) चंद्र शेखर तिवारी, राजहरा क्षेत्र के महाप्रबंधक मनीष कुमार, सीसीएल के वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी, जनप्रतिनिधि, यूनियन के सदस्यगण एवं बड़ी संख्या में स्थानीय रहिवासी उपस्थित थे।

राजहरा कोलियरी के नवसंचालन को लेकर ग्रामीणों, श्रमिकों एवं हितधारकों ने प्रसन्नता व्यक्त की। कार्यक्रम के दौरान रहिवासियों में हर्ष व्याप्त था। सीसीएल के जनसंपर्क विभाग के अनुसार राजहरा ओपन कास्ट कोलियरी परियोजना में कोयले का खनन ओपन कास्ट विधि से किया जाएगा, जिसमें एक्स्कावेटर-डंपर संयोजन का उपयोग होगा। इस परियोजना की पीक उत्पादन क्षमता लगभग 5 लाख टन प्रति वर्ष निर्धारित की गई है। खदान का अनुमानित खनन जीवन लगभग 18 वर्ष या उससे अधिक होगा।
परियोजना के अंतर्गत कुल 4.925 मिलियन टन खनन योग्य कोयला भंडार उपलब्ध है, जो जी-9 श्रेणी का है। राजहरा ओपन कास्ट कोलियरी का कुल खनन क्षेत्र लगभग 736.36 हेक्टेयर में फैला है। राजहरा ओपन कास्ट कोलियरी के संचालन से क्षेत्रीय आर्थिक विकास, रोजगार सृजन तथा राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण योगदान प्राप्त होगा।
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