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पारंपरिक तरीके से लुगुबुरू घंटाबाड़ी धोरोमगढ़ राजकीय महोत्सव का शुभारंभ

लुगुबाबा की जयघोष से गूंजा धोरोमगढ़, दर्शन को लुगु पहाड़ पहुंचे श्रद्धालु

एस. पी. सक्सेना/बोकारो। प्रकृति की गोद में बसे बोकारो जिला के हद में गोमिया प्रखंड के ललपनिया स्थित आदिवासी समाज का पवित्र स्थल लुगुबुरू घंटाबाड़ी धोरोमगढ़ में 3 नवंबर को राजकीय महोत्सव का शुभारंभ पारंपरिक विधि-विधान और भक्तिपूर्ण माहौल में किया गया।

इस अवसर पर पूरे क्षेत्र में जय लुगुबाबा के जयघोष और मांदर की थापों से वातावरण गुंजायमान हो उठा। वहीं महोत्सव के पहले दिन यहां दस हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने पूजा स्थल पर पहुंचकर मत्था टेका। महोत्सव में बोकारो जिला उपायुक्त (डीसी) अजय नाथ झा, पुलिस अधीक्षक (एसपी) हरविंदर सिंह, नायके बाबा और आयोजन समिति अध्यक्ष बबली सोरेन व अन्य सदस्यों ने पूजा-अर्चना कर तीन दिवसीय महोत्सव की शुरुआत की।

जानकारी के अनुसार पहले ही दिन श्रद्धालुओं का अभूतपूर्व सैलाब उमड़ा। दस हजार से अधिक श्रद्धालु लुगु पहाड़ पर चढ़कर लुगुबाबा के दर्शन के लिए पहुंचे। सूर्योदय के साथ ही श्रद्धालु पारंपरिक वेशभूषा में गीत-संगीत गाते हुए आस्था की राह पर आगे बढ़ते दिखाई दिए। इस अवसर पर भक्तों ने कहा कि लुगुबाबा हमारे पुरखों की आत्मा हैं। बाबा हमारी धरती और हमारे धर्म के रक्षक है। यहां आकर मन को शांति और आत्मा को शक्ति मिलती है।

ज्ञात हो कि, लुगुबुरू महोत्सव केवल पूजा का पर्व नहीं, बल्कि यह झारखंड की आदिवासी अस्मिता, लोक संस्कृति और सामूहिक एकता का जीवंत उत्सव है। यहां संताली और अन्य जनजातीय समाजों के रहिवासी अपने पारंपरिक परिधानों में नृत्य और गीतों के माध्यम से अपनी संस्कृति की झलक प्रस्तुत कर रहे हैं। इस महोत्सव को लेकर बोकारो जिला प्रशासन और आयोजन समिति ने श्रद्धालुओं के लिए विस्तृत तैयारियां की हैं, जिसमें टेंट सिटी में आवास और विश्राम की सुविधा, बोकारो स्टील सिटी व गोमिया रेलवे स्टेशन से नि:शुल्क बस सेवा, खिचड़ी सेवा, साफ-सुथरा पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और साज-सज्जा, सूचना व सहायता केंद्र, स्वास्थ्य शिविर और स्वच्छता टीम निरंतर सक्रिय है।

तीन दिवसीय महोत्सव के उद्घाटन के अवसर पर डीसी अजय नाथ झा ने पूजा-अर्चना कर महोत्सव की सफलता और जिले की सांस्कृतिक एकता, सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि लुगुबुरू महोत्सव हमारी मिट्टी की खुशबू, हमारी संस्कृति की आत्मा और हमारी परंपरा की पहचान है। यह पर्व झारखंड की लोक आस्था को विश्व पटल पर स्थापित करता है।

एसपी हरविंदर सिंह ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए व्यापक इंतज़ाम किए गए हैं। पूरे परिसर में पुलिस बल की तैनाती, ड्रोन व सीसीटीवी निगरानी और नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। हर आगंतुक को सुरक्षित, सहज और भक्तिपूर्ण अनुभव मिले, यही हमारा प्रयास है।

महोत्सव का लाइव प्रसारण Jhargov.tv, YouTube और Facebook पर किया जा रहा है। देश-विदेश के लाखों श्रद्धालु ऑनलाइन माध्यम से भी लुगुबाबा की आराधना और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आनंद ले रहे हैं। लुगुबुरू घंटाबाड़ी धोरोमगढ़ सांताली समाज का पवित्रतम तीर्थ स्थल माना जाता है। यहां प्रतिवर्ष हजारों श्रद्धालु एकत्र होकर धरती, जल, जंगल और जन के इस पवित्र रिश्ते का उत्सव मनाते हैं। यह पर्व झारखंड की उस आत्मा को अभिव्यक्त करता है, जिसमें प्रकृति ही ईश्वर है और लुगुबाबा उसका साकार स्वरूप।

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