क्या कोई जनप्रतिनिधि या अधिकारी दो बोरा DAP खाद सही कीमत पर एक जरूरतमंद किसान को दिलवा सकता है- सुरेंद्र
सही रास्ते से जाने पर नहीं मिलता खाद, 5 सौ रूपए अधिक देने पर आसानी से मिल जाता- ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह
एस. पी. सक्सेना/समस्तीपुर (बिहार)। सही रास्ते से जाने पर किसानों को डीएपी खाद नहीं मिल पाता है, लेकिन 5 सौ रूपए अधिक देने पर आसानी से उपलब्ध हो जाता है। ऐसा कोई इस बार नहीं हो रहा है, जब किसानों को खाद की जरूरत होती है, कृषि अधिकारी एवं खाद माफिया की मिलीभगत से पहले खाद का किल्लत बताया जाता है और मनमाना कीमत पर बेचा जाता है।
आखिर किसानों का शोषण कब तक होता रहेगा? इसकी जिम्मेवारी कौन लेगा। उक्त बातें अखिल भारतीय किसान महासभा के घर-घर चलो सदस्यता अभियान के दौरान किसानों को संबोधित करते हुए भाकपा माले प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने 30 जुलाई को कही। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, बीडीओ, पत्रकारों एवं कृषि अधिकारियों को चैलेंज करते हुए कहा कि क्या कोई जरूरतमंद किसान को दो बोरा डीएपी सही कीमत पर दिला सकता है?

मौके पर किसान महासभा के प्रखंड अध्यक्ष ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह ने कहा कि निजी कंपनी का महंगा खाद, बीज, कीटनाशक किसानों को खरीदना पड़ता है। इसमें धड़ल्ले से मिलावट किया जाता है। नकली सामग्री बेचा जाता है। तय कीमत से अधिक दर पर बेचा जाता है। बार-बार शिकायत करने पर भी कोई कारवाई नहीं किया जाता है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को उचित फोरम पर उठाकर थक गये हैं। अब किसानों को संगठित कर किसान महासभा निर्णायक संघर्ष का रूख अख्तियार करेगी।
किसान नेता राजदेव प्रसाद सिंह ने कहा कि खाद दुकानदार एवं कृषि अधिकारी खाद की बनावटी किल्लत का समाधान करें अन्यथा किसान महासभा कालाबाजारियों के खिलाफ सीधी कारवाई करेगी। मौके पर शंकर महतो, राजदेव प्रसाद सिंह, चंद्रशेखर साह, हीरालाल सिंह, विष्णुदेव राय, रामनारायण महतो आदि मौजूद थे।
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