रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में कसमार स्थित प्लस टू उच्च विद्यालय में सरस्वती पूजा के अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम को लेकर शुरू विवाद अब बढ़ता जा रहा है। जिला शिक्षा अधीक्षक द्वारा शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगे जाने के बाद विद्यालय के छात्र-छात्राओं में भी नाराज़गी देखी जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सरस्वती पूजा के बाद मूर्ति विसर्जन के दिन विद्यालय परिसर में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस दौरान शिक्षक विद्यार्थियों को गीत-संगीत के माध्यम से नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुति की तैयारी करा रहे थे। विद्यालय परिवार का कहना है कि यह कार्यक्रम बच्चों के उत्साह और सांस्कृतिक विकास को ध्यान में रखते हुए आयोजित किया गया था।
लेकिन कार्यक्रम के एक अंश को कुछ शरारती तत्वों द्वारा गलत तरीके से प्रस्तुत कर इसकी शिकायत जिला शिक्षा अधीक्षक से कर दी गई। इसके बाद संबंधित शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांग लिया गया, जिससे शिक्षकों में नाराज़गी फैल गई। अब इस कार्रवाई को लेकर छात्र-छात्राएं भी अपने शिक्षकों के समर्थन में सामने आने लगे हैं। छात्रों का कहना है कि शिक्षक केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से भी बच्चों का आत्मविश्वास और प्रतिभा विकसित करते हैं।
इसे लेकर विद्यालय के छात्रों ने सवाल उठाया है कि क्या बच्चों के मनोरंजन और सांस्कृतिक शिक्षा में भाग लेना शिक्षकों का अधिकार नहीं है? कई अभिभावकों ने भी कहा कि विद्यालयों में पढ़ाई के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम जरूरी होते हैं, जिससे बच्चों का मानसिक और सामाजिक विकास होता है। उनका मानना है कि बिना पूर्ण जांच के शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगना उचित नहीं है। फिलहाल इस मामले को लेकर शिक्षा विभाग की आगामी कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हैं, जबकि विद्यालय में शिक्षकों और छात्रों के बीच एकजुटता का माहौल देखा जा रहा है।
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