संतोष कुमार/वैशाली(बिहार)। कोरोना संक्रमण के खतरों के प्रति समाज और सरकार (Government) के अलावा प्रशासनिक स्तर पर भी गहन विमर्श किया जा रहा है। ताकि सभी जुड़े लोगों को जागरूक करते हुए अभियान के प्रति और संवेदनशील बनाया जा सके। इसी उद्देश्य से 18 फरवरी को वैशाली के जिलाधिकारी उदिता सिंह (District magistrate) की अध्यक्षता में एक महत्तवपूर्ण बैठक आयोजित किया गया।
समाहरणालय सभागार में आयोजित बैठक में जिलाधिकारी सिंह ने सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों, बाल विकास परियोजना अधिकारियों और अन्य जिला स्तरीय पदाधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। बैठक के दौरान अभियान को लेकर वे संतोषप्रद स्थिति तक नहीं दिखी। हालांकि उन्होंने स्वास्थ्य वर्कर्स और फ्रंटलाइन वर्कर्स को दिए जा रहे टीके से जुड़े अभियान को और बलवती बनाने के महत्तवपूर्ण प्रशासनिक सूत्र भी दिए। जिसमें डीएम सिंह ने कहा कि खेद की बात है कि अभियान में शत प्रतिशत सफलता की दिशा में उन्हें कुछ हल्की कमी महसूस हुई है, जिसे शीघ्र ही दूर किया जाना चाहिए। ताकि जनहित के इस अभियान से लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा हो सके। साथ ही सम्बन्धित केंद्र से समन्वय स्थापित करते हुए गोल्डेन कार्ड और शत प्रतिशत टीकाकरण का लक्ष्य हासिल किया जा सके।
जिलाधिकारी ने सभी मौजूद पदाधिकारियों का उत्साहवर्धन करते हुए अभियान को काफी गति देने के सुझाव भी दिए। मौके पर सिविल सर्जन वैशाली डॉ इंद्रदेव रंजन के अलावा जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ ललन कुमार, वेक्टर बार्न डिजीज नियंत्रण पदाधिकारी डॉ सत्येन्द्र प्रसाद, गैर संचारी रोग पदाधिकारी डॉ राजेश किशोर साहू, एसएमओडबल्यूएचओ डॉ स्वेता राय, एसएमसी यूनिसेफ वैशाली मधुमिता कुमारी, डिजीज को-ऑर्डिनेटर डॉ अरविंद कुमार, टीम लीडर केयर इंडिया वैशाली सुमित कुमार समेत अन्य उपस्थित थे।
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