एस.पी.सक्सेना/देवघर (झारखंड)। देवघर जिला उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री (Deoghar District Deputy Commissioner Manjunath Bhajantri) की अध्यक्षता में 10 जनवरी को जिले के उच्च विद्यालय के शिक्षकों एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग (Vedio Conferencing) के माध्यम से परिचर्चा सह बैठक का आयोजन किया गया।
इस दौरान जिले में 15 से 18 वर्ष के सभी को बच्चों को दिए जा रहे कोविड टीकाकरण की गति बढ़ाने के अलावा राज्य सरकार (State Government) व जिला प्रशासन द्वारा कोविड-19 के तीसरे लहर व ओमिक्रोन के बढ़ते संक्रमण को रोकने हेतु विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की गई।
बैठक के दौरान उपायुक्त भजंत्री ने शहरी क्षेत्र के अलावा ग्रामीण क्षेत्र में लक्ष्य के अनुरूप कोविड वैक्सिन के प्रथम एवं द्वितीय डोज दिए जाने के कार्यो की जानकारी दी। साथ ही कहा कि जिले में हेल्थ वर्कर, फ्रंटलाइन वर्कर एवं 60 वर्ष से अधिक उम्र के को-मोरबिड मरीजों को कोविड टीका का बूस्टर डोज दिया जाना प्रारम्भ किया गया है।
उन्होंने कहा कि जिले के 60 वर्ष और उससे अधिक आयु के वैसे व्यक्ति जिन्होंने कोविड वैक्सिन की दोनों खुराकें ले ली हैं। वे 39 सप्ताह या 9 माह के बाद बूस्टर डोज का टीका लगवा सकते हैं। उपायुक्त ने सभी उच्च विद्यालय के शिक्षकों से अपने आसपास के लोगों को जागरूक करते हुए जिले में दिए जा बूस्टर डोज की जानकारी से अवगत कराने का निर्देश दिया।
वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान उपायुक्त भजंत्री द्वारा शिक्षा विभाग के अधिकारियों व शिक्षकों से कहा गया कि जिले के सभी विद्यालयों में 15 वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों का शत प्रतिशत टीकाकरण जल्द से जल्द सुनिश्चित कराया जाय।
उन्होंने सभी शिक्षकों व प्रखंड शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिया कि सभी एक दूसरे के साथ समन्वय स्थापित कर 15 से 18 वर्ष उम्र के स्कूली व ड्रॉप आउट बच्चों को चिन्हित करते हूए उनका टीकाकरण कराया जाय।
साथ ही बच्चों के वैसे माँ- बाप को जिनके द्वारा टीका नही लिया गया हैं टीकाकरण हेतु प्रेरित करें। ताकि जिले में 15 वर्ष के स्कूली छात्र-छात्राओं के साथ-साथ बच्चों के माता-पिता को भी सुरक्षित किया जा सके।
उपायुक्त ने कहा कि हमारे समाज का चौतरफा विकास तभी संभव हो पाएगा जब हमारे समाज में महिलाओं व् बच्चियों को सम्मान मिलेगा। जब हम उनके सशक्तिकरण के बारे में सोचेंगे।
हम सभी को मिलकर सामूहिक प्रयास करना होगा, चाहे वो बाल विवाह हो, दहेज प्रथा हो या फिर खुले में शौच से संबंधित कुप्रथाएं हो। इन सभी को हमारे समाज से दूर करते हुए बच्चियों को बेहतर शिक्षा स्वास्थ्य के साथ-साथ हर घर में शौचालय का होना एवं उनके प्रयोग पर जोर देना होगा।
उपायुक्त ने बढ़ते कोरोना संक्रमण के खतरे को लेकर सभी उच्च विद्यालय के शिक्षकों को निर्देशित करते हुए कहा कि अपने अपने क्षेत्रों में कोविड नियमों का अनुपालन, मास्क की उपयोगिता के साथ शत प्रतिशत लोगों को कोविड टीका से आच्छादित करने की दिशा में आपसी तालमेल के साथ कार्य करे, आदि।
ताकि लोगों को कोरोना (ओमिक्रोन) संक्रमण से सुरक्षित और स्वस्थ रखा जा सके। इस दौरान जिला शिक्षा अधीक्षक वीणा कुमारी, गोपनीय प्रभारी विवेक कुमार मेहता, सभी प्रखंडों के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, सहायक जनसम्पर्क पदाधिकारी रोहित कुमार विधार्थी, जिले के 1000 से अधिक उच्च विद्यालय के शिक्षक एवं संबंधित विभाग के कर्मी आदि उपस्थित थे।
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