फसल बगीचे हुए बर्बाद तो मजदूर काम की तलाश में भटक रहे-सुरेन्द्र
एस.पी.सक्सेना/समस्तीपुर (बिहार)। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Bihar CM Nitish Kumar) ने घोषणा किया था कि जिले के प्रभारी मंत्री जिले के बाढ़ एवं अतिवृष्टि प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर क्षति का आकलन कर रिपोर्ट देंगे, लेकिन इस पर पहल करने के बजाय मंत्री महोदय सर्किट हाउस में बैठक एवं बयान जारी कर जन भावना के साथ ही मुख्यमंत्री के निर्देश को इतिश्री कर रहे हैं।
ग्रामीण विकास विभाग सह जिले के प्रभारी मंत्री श्रवण कुमार द्वारा बीते 14 सितंबर को समस्तीपुर स्थित सर्किट हाउस में बैठक को लेकर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाकपा माले जिला सचिव प्रो उमेश कुमार एवं जिला स्थाई समिति सदस्य सुरेन्द्र प्रसाद सिंह ने उक्त बातें कही।
भाकपा माले नेताओं ने कहा कि इस साल की भयंकर वर्षा ने दसियों साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। गांव- शहर से लेकर खेत – खलिहान, दफ्तर- आवास तक करीब 4 महिने से जलमग्न है।
नेताओं ने कहा कि एक ओर किसानों के खेतों में लगा लहलहाती मक्के, केले, ओल, परवल, कद्दू, खीरा, करैला, नेनुआ, गोवी- टमाटर, भिंडी, आदी- हल्दी, ईंख आदि की फसल- सब्जी को बर्बाद कर दिया, तो दूसरी ओर खेतों में जल जमाव के कारण आगामी धान, बंधा, फूलगोभी, कद्दू, तंबाकू, टमाटर, साग- सब्जी की फसल भी लगाना असंभव हो गया है। कहा कि अब तो भीषण जल जमाव से किसानों के बाग- बगीचे, पेड़- पौधे भी सूखने लगे हैं।
फूस, कच्चा घर तक गिरने लगे हैं। वहीं रोज कमाने- खाने वाले मजदूरों को काम के आभाव में दर- दर की ठोकरें खाना पड़ रहा है। उनके घरों में चुल्हा जलना तक असंभव होते जा रहा है। जल निकासी को लेकर क्षेत्र में आपसी तनाव, मारपीट, मुकदमेंबाजी तक हो रही है।
माले नेताओं ने इन मामलों को गंभीरतापूर्वक जांच-पड़ताल कर तत्काल समस्तीपुर जिला को बाढ़ग्रस्त जिला घोषित कर युद्ध स्तर पर राहत कार्य चलाने, पशु चारा, नगद राशि देकर लोगों के बेपटरी हुई जीवन को पटरी पर लाने की मांग की है।
माले नेताओं ने जल प्रभावित क्षेत्रों से जलनिकासी की व्यवस्था करने, जल जमाव वाले क्षेत्रों में ब्लिंचिंग पाउडर, चूना आदि का छिड़काव करने अन्यथा आंदोलन तेज करने की घोषणा की है।
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