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हाथी भगाने गये वन कर्मियों पर अवैध लकड़ी तस्करों ने किया हमला

प्रहरी संवाददाता/गोमिया (बोकारो)। जंगली हाथियों से ग्रामीण रहिवासियों को बचाने गये वन कर्मियों पर अवैध लकड़ी तस्करों ने लाठी डंडे से हमला कर दिया। जिससे पांच वन कर्मी घायल हो गये वहीं तीन विभागीय गाड़ियों में लकड़ी तस्करो ने तोड़फोड़ कर क्षतिग्रस्त कर दी। घटना बोकारो जिला के हद में गोमिया प्रखंड के पिंडरा के जंगल में घटित होने की सूचना है।

ज्ञात हो कि गोमिया प्रखंड के हद में ललपनिया व् झुमड़ा के जंगलो में इन दिनो हाथियों का तांडव जारी है। वन कर्मीयों को हाथियों की सूचना मिलने पर बीते 26 फरवरी की रात लगभग 10 बजे पिंडरा गांव पहुंचे, जहां तस्करी कर ले जाये जा रहे अवैध लकड़ी लोड वाहनों को रोकने पर लकड़ी तस्करो ने स्थानीय ग्रामीणों के साथ मिलकर वन विभाग की टीम पर लाठी-पत्थर से हमला कर दिया। लकड़ी तस्करो व् ग्रामीण रहिवासियों के हमले में कई वनकर्मी घायल हो गये। साथ हीं विभाग का वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गया।

तेनुघाट वन प्रक्षेत्र के प्रभारी वनपाल अजीत कुमार मुर्मू ने 27 फरवरी को बताया कि बीते 26 फरवरी की रात लगभग 9 बजे जब हमलोग ललपनिया के आसपास थे तभी पिंडरा गांव में हाथी झुंड के आने की सूचना मिली। जिसके बाद वे टीम लेकर पिंडरा गांव की ओर जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में लुगु पहाड़ घाटी मुख्य सड़क पर देखा कि कई लकड़ी तस्कर जंगल से भारी मात्रा में लकड़ी काटकर बाइक में लोड कर रहे हैं। जैसे ही तस्करों की नजर विभागीय गाड़ियों पर पड़ी सभी जंगल की ओर भागने लगे। उपस्थित वनकर्मी भी दौड़कर तस्करों का पीछा किया।

इस दौरान दो तस्कर पकड़े गए, साथ ही दो बाइक क्रमांक-JH09BF/7870 तथा JH09AD/7523 और उसमें लदी लकड़ी को जब्त किया गया। बताया कि विभागीय कर्मी जब पकड़े गए दोनों तस्करों और जब्त लकड़ी व दोनों बाइक को लेकर गोमिया स्थित तेनुघाट वन प्रक्षेत्र कार्यालय जा रहे थे, तभी तुलबुल गांव के समीप तस्कर सड़क पर बड़े-बड़े पत्थर रखकर मार्ग को अवरुद्ध कर दिया।

बताया कि लगभग 35 से ज्यादा की संख्या में महिला-पुरुष हाथों में लाठी, डंडा, पत्थर लिए थे। जैसे ही टीम की गाड़ियां वहां पहुंची सभी ने गाड़ियों पर अचानक हमला कर दिया। साथ ही वाहनों में तोड़फोड़ करते हुए टीम के साथ मारपीट करने लगे। साथ हीं पकड़े गए दोनों तस्करों को भी जबरदस्ती छुड़ाकर अपने साथ ले गए। बताया कि इस दौरान जब्त बाइक को भी गाड़ी से उतार कर ले जाने का प्रयास किया गया, लेकिन विफल रहे। इस घटना में विभाग की तीन गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गई है, वहीं मारपीट में पांच वनकर्मी घायल हैं, जिनका इलाज सीएचसी गोमिया में चल रहा है।

बताया जाता है कि घटना के बाद से वनकर्मियों में आक्रोश है। रात 12 बजे के आसपास तीन वन प्रक्षेत्रों गोमिया, तेनुघाट तथा पेटरवार के लगभग सभी वन कर्मी गोमिया थाना में जमा हुए और लिखित शिकायत देकर दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की। साथ ही वन विभाग के वरीय अधिकारियों से भी कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए सुरक्षा की गुहार लगाई। इस दौरान कर्मियों ने साफ तौर पर कहा कि अगर विभाग द्वारा वन कर्मियों को सुरक्षा मुहैया नहीं कराया गया और दोषियों के विरुद्ध कारवाई नहीं की गई तो वे कार्रवाई होने तक कार्य बंद कर देंगे।

घटना की सूचना पाकर गोमिया बीडीओ महादेव महतो, सीओ आफताब आलम देर रात अस्पताल पहुंचकर घायलों से मिले तथा दोषियों के विरुद्ध कारवाई का वनकर्मियों को भरोसा दिया। प्रशिक्षु डीएफओ संदीप शिंदे ने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता क्षेत्र में हाथियों को भगाने की है, किंतु लकड़ी तस्करों द्वारा वन कर्मियों के साथ किए गए अपराध को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषियों के विरुद्ध हर हाल में कार्रवाई की जाएगी।

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