एस. पी. सक्सेना/बोकारो। बोकारो जिला (Bokaro District) के हद में गोमियां प्रखंड के असनापानी स्थित उर्दू उत्क्रमित मध्य विद्यालय में पर्याप्त राशन के अभाव में मध्याह भोजन में परेशानी हो रही है। बीईओ (BEO) अपने स्थानांतरण की बात कह जहां मामले से पल्ला झाड़ रहे हैं वहीं जिला उपायुक्त (District Deputy Commissioner) ने जांच की बात कही।
इस संबंध में 2 अगस्त को उक्त विद्यालय में मौजूद संजोजिका गुलशन कमाल से पुछे जाने पर उन्होंने बताई कि विधालय में अबतक एक दिन भी मीड डे मील बंद नही हुआ है। जैसे तैसे उधार पैचा कर इस योजना को चलाया जा रहा था, मगर दो तीन दिन के भीतर अगर विभाग चालव मुहैया नही करवाती है तो निश्चित रूप से यह योजना प्रभावित होगा।
विधालय के प्रधानाध्यापक मो. हफिजुल्लाह ने इस संबंध में बताया कि तीन माह का चावल मिला था जो खत्म हो गया है। उन्होंने बताया कि इस विद्यालय में 5 शिक्षक तथा कक्षा एक से लेकर 8 तक कुल 151 छात्र अध्ययन रत हैं। इस गांव में अन्य कोई निजी अथवा सरकारी विद्यालय भी नहीं हैं। उन्होंने बताया कि विद्यालय को खाद्यान का नया एलाटमेंट अभी नहीं मिला है।
इस संबंध में स्कूल को चावल उपलब्ध करवाने वाले गोदाम के इंचार्ज सुमन से पुछा गया तो उन्होंने बताया कि गोदाम में चावल नही है, तो आपूर्ति खान से होगी।

गोमियां प्रखंड के बीइओ कैलाश मरांडी से इस संबंध में बात की गई तो उनका व्यवहार तिखा रहा। उन्होंने विधालयो पर ही दोष मड़ते हुए कहा कि क्या चावल खुद स्कूल स्कूल पहुंचाना पड़ेगा। उन्होंने सवालों से कननी काटते हुए कहा कि उनका स्थानांतरण हो गया है।
वे 3 अगस्त से यहां से विरमित हो रहे हैं। नये बीइओ ही अब इस बारे में बतायेंगे। आखिरकार मिडिया टीम ने बोकारो उपायुक्त को इस मामले से अवगत कराया। उपायुक्त कुलदीप चौधरी ने जांच कर कार्रवाई की बात कही।
कुल मिलाकर एक ओर केंद्र व् राज्य सरकार (Central and State Government) यह घोषणा करती है कि किसी भी विधालय में मध्याह्न भोजन बंद नही होना चाहिए, नहीं तो संबंधित कर्मचारियों एवं अधिकारियों पर कार्यवायी होगी। दुसरी ओर विभाग द्वारा चालव मुहैया नही करवाना सरकारी दावों पर प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है।
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