एस. पी. सक्सेना/पटना (बिहार)। सांस्कृतिक संस्था लोक पंच द्वारा 14 अक्टूबर को नाटक मैं मूर्ख नहीं हूं का मंचन किया गया। बिहार की राजधानी पटना के जजेस मार्ग एसबीआई कैंपस में साइबर क्राइम पर आधारित नाटक मैं मूर्ख नहीं हूं का मंचन किया गया जिसके लेखन एवं निर्देशक चर्चित टीवी कलाकार मनीष महिवाल ने किया।
जानकारी देते हुए नाटक के निर्देशक मनीष महीवाल ने बताया कि प्रस्तुत नाटक का कथासार के अनुसार नाटक पति-पत्नी की नोक- झोंक से शुरू होता है। इस दौरान एक फोन आता है और ओटीपी माँगा जाता है। फोन करनेवाले को पत्नी ओटीपी देने लगती है, तभी पति मना करता है। पर पत्नी ओटीपी दे देती है और बाद में बताती है कि मुझे मालूम है कि वह मेरे साथ फ्रॉड कर रहा था, पर मैंने उसे गलत ओटीपी दे दिया है। मुझे मालूम है कि ओटीपी शेयर करने से नुकसान होता है। हम गांव से आए हैं इसका मतलब यह नहीं कि हम मूर्ख है।
महीवाल ने बताया कि नाटक के अगले दृश्य में एक व्यक्ति अपने मित्र से बकाया पैसे मांगता है। इसी बातचीत के दौरान पता चलता है कि मित्र का फेसबुक अकाउंट किसी ने हैक कर रखा है। वह उसके मित्रों से पैसा मांग रहा है। ऐसी फेक और फ्रॉड साइबर क्राइम करने वाले से सावधान रहने की बात बताई जाती है।
दृश्य में अनजान और फ्रॉड लिंक पर क्लिक करने का क्या परिणाम होता है, यह दिखाया गया है। नाटक में गायक मोहम्मद रफी के गाए हुए गीत (बार-बार के तोहरे कमईयया चोरवा ना ले जाए, जागत रहा भैया तू सोए मत जाइए) को रखा गया है। जिसके माध्यम से जालसाज़ और साइबर अपराधियों से अपने धन को बचाने की बात कही जाती है। इसके अलावा और कई गीतों का नाटक में शमावेश किया गया है।

नाटक के अंत एक पात्र कहता है कि अब मुझे कोई भी साइबर क्राइम करने वाला ठग नहीं सकता है क्योंकि मैं मुर्ख नहीं हूं। प्रस्तुति के दौरान स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के वरिष्ठ पदाधिकारी, लोक पंच के अध्यक्ष राम कुमार सिंह एवं उपाध्यक्ष कुमार रोहित उपस्थित रहे तथा नाटक की सराहना की। नाटक में कलाकार मृत्युंजय प्रसाद, रजनीश पांडेय, अभिषेक राज, अरबिंद कुमार, सोनल कुमारी, रोहित कुमार, नीरज शुक्ला एवं मनीष महिवाल ने विभिन्न किरदार को बखूबी निभाया है। जबकि, मंच से परे नाल पर मनोज शुक्ला, खंजरी पर अजीत कुमार, प्रस्तुति नियंत्रक राम प्रवेश तथा लेखक-निर्देशक मनीष महिवाल है।
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