मुस्लिम ऑटो चालक ने आग की लपटों से बचाई हिन्दू महिला की जान
मुश्ताक खान/मुंबई। चेंबूर में एक दिल दहलाने वाली घटना में पति ने बीच सड़क पर अपनी पत्नी के शरीर पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी और छिप कर आग के शोलों में जलती पत्नी को देखने लगा।
इस दौरान अपनी जान की परवाह किये बिना एक मुस्लिम ऑटो रिक्शा चालक ने धधकती आग के शोलों के बीच से एक हिंदू महिला को जलने से न केवल बचा लिया, बल्कि अपनी सवारी को उतरकर उसने महिला को हॉस्पिटल भी पहुंचाया। मुस्लिम चालक मोहम्मद ने मानवता को शर्मसार होने से बचा लिया। रिक्शा चालक की बहादुरी को देखते हुए नेहरू नगर पुलिस ने उसे सम्म्मानित किया।
मुंबई के चेंबूर स्थित सुमन नगर की सड़क पर धधकती आग की लपटों में जल रही महिला, बचाओ -बचाओ चिल्लाते हुए इधर से उधर भाग रही थी, लेकिन उसे बचाने के लिए कोई आगे नहीं आया। इसी दौरान एक ऑटो रिक्शा चालक आता है और आग की लपटों में घिरी महिला को किसी तरह बचा लेता है।
यह सब किसी फिल्मी कहानी की तरह हुआ। यह वाकया 14 जून को सायन – ठाणे हाई वे पर स्थित सुमन नगर के अन्ना भाऊ साठे उद्यान के करीब उड़ान पूल के निचे का है। कथित तौर पर उस महिला पर पेट्रोल छिड़क कर आग लगाने वाला कोई और नहीं बल्कि उसका पति ही था। फिलहाल नेहरू नगर पुलिस ने उसे आईपीसी की धारा 307,504 और 506 के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
दुखों से भरा 13 वर्ष के विवाहित जीवन
चेंबूर के सुमन नगर निवासी सरिता ठाकुर (33) की शादी करीब 13 वर्ष पूर्व राहुल नगर निवासी संजय ठाकुर (37) के साथ हुई थी, इन दोनों से चार बेटियां भी हैं। सरिता ठाकुर अपनी बेटियों की शिक्षा और परवरिश के लिए वडाला में काम करती थी। काम के सिलसिले में वह प्रतिदिन सुबह 8 से 9 बजे के दरमियान सुमन नगर के अन्ना भाऊ साठे उद्यान के करीब उड़ान पूल के निचे से बस पकड़ती थी।
हर रोज की तरह 14 जून (बुधवार) 2023 को भी वह अकेले बस पकड़ने के लिए घर से निकली और उक्त स्टैंड की तरफ जा रही थी, उसे पता नहीं था कि उसका पति संजय ठाकुर पिछा कर रहा है। ऐसे में बेखौफ सरीता ठाकुर अन्ना भाऊ साठे उद्यान और सुमन नगर ट्रैफिक पुलिस स्टेशन से होते हुए बस स्टैंड पहुंची। उसी समय उसके पति ने बस स्टैंड पर पहुंच कर उसके शरीर पर पेट्रोल छिड़क दिया। इसका अहसास होते ही सरिता इधर उधर भागने लगी।
बीच सड़क पर पत्नी को किया आग के हवाले
सुबह का समय था सायन – ठाणे हाई वे पर सिग्नल नहीं होने के कारण अधिकांश बड़ी छोटी वाहन खड़ी थी। इसका लाभ उठाते हुए ठाकुर ने सरिता के शरीर पर माचिस का जलता हुआ अंगार फैंक दिया, ऐसे में पेट्रोल से लत-फत चार बेटियों की मां सरिता के कपड़ों में आग लग गई।
इस दौरान सरिता अपनी जान बचने के लिए सायन – ठाणे हाई वे पर स्थित अन्ना भाऊ साठे उद्यान के उड़ान पूल के निचे इधर से उधर भागने लगी और लोगों से गुहार लगाने लगी। लेकिन कोई भी उसकी मदद के लिए नहीं आया, इस दौरान एक ऑटो रिक्शा आता है और उसका चालक आग की लपटों में जलती महिला को बचने के लिए हर संभव कोशिश करता है।
जबकि मौत और जिंदगी से जूझती सरिता ठाकुर का पति संजय ठाकुर उद्यान के छोटे गेट के पीछे छुप कर यह सब माजरा देखता रहता है। यहां बताना चाहता हु की ऑटो चालक ने ठाकुर को ललकारा, यहां आ तुझे बताता हु। लेकिन ठाकुर भाग गया। अंततः ऑटो चालक महिला को न केवल बचा लेता है, बल्कि वह सरिता को सायन हॉस्पिटल में ले जा कर भर्ती भी कराता है।
नेहरू नगर पुलिस ने चालक को किया सम्मानित
नियमानुसार सायन हॉस्पिटल (Sion Hospital) के चिकित्स्कों ने इस हादसे की जानकारी पुलिस को दी। सायन हॉस्पिटल में मौजूद पुलिस कर्मी ने ऑटो रिक्शा चालक मो. इस्माईल शेख (35) का बयान दर्ज किया। इस हादसे की जानकारी मिलते ही नेहरू नगर पुलिस के वरिष्ठ निरीक्षक युसूफ सौदागर दल बल के साथ मौके पर पहुंचे।
पुलिसिया कार्रवाई के बाद सौदागर ने चालक मो. इस्माईल शेख को पुलिस स्टेशन बुलाकर सम्मानित किया। इसके साथ ही पुलिस ने संजय ठाकुर पर आईपीसी की धारा 307,504 और 506 के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया और उसे अदालत में पेश किया जहां न्यायधीश ने उसे जेल भेज दिया है। इस मामले में आगे की जांच एपीआई पंडित सीर्षे कर रहे हैं।
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