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आवार्डी मजदूरों का सीसीएल मुख्यालय पर भूख हड़ताल आंदोलन शुरु

एस. पी. सक्सेना/रांची (झारखंड)। बोकारो जिला के हद में सीसीएल कथारा क्षेत्र के स्वांग वाशरी क्लिनिंग कार्य से बैठाये गये आवार्डी मजदूरों द्वारा नियोजन की मांग को लेकर 5 दिसंबर को झारखंड की राजधानी रांची के सीसीएल मुख्यालय दरभंगा हाउस के समक्ष भूख हड़ताल आंदोलन शुरु किया गया। भूख हड़ताल आंदोलन में 5 दिसंबर की सुबह लगभग ग्यारह बजे 60 से अधिक अवार्डी मजदूर सीसीएल मुख्यालय दरभंगा हाउस पहुंचकर अपने हाथों में नारा लिखे बैनर, पोस्टर व् फेस्टून लेकर सीसीएल प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। नेतृत्व अवार्डी मजदूर बुटकी बाई तथा डिवीजन सिंह कर रहे थे।

बताया जाता है कि अवार्डधारी मजदूरों के भूख हड़ताल आंदोलन पर बड़ी संख्या में सीसीएल सुरक्षा कर्मी सहित सीआईएसएफ जवान तथा गृह रक्षा वाहिनी के महिला पुरुष जवान तैनात थे। इस दौरान केवल सीसीएल कर्मियों को छोड़ किसी को भी सीसीएल मुख्यालय में प्रवेश पर रोक लगा दिया गया था। यहां तक की सुरक्षा कर्मी मीडिया कर्मियों को भी नहीं जाने दे रहे थे, जिसके कारण मीडिया कर्मियों में आक्रोश देखा जा रहा था। हालांकि बाद में सीसीएल के जनसंपर्क विभाग के हस्तक्षेप के बाद मीडिया कर्मियों को सीसीएल मुख्यालय प्रवेश करने दिया गया।

इस बावत जानकारी देते हुए अवार्डी मजदूरों के भूख हड़ताल को अपना नैतिक समर्थन दे रहे झामुमो नेता सह झकोमयू कथारा क्षेत्रीय संयुक्त सचिव मुमताज आलम ने बताया कि इसे लेकर कथारा क्षेत्रीय प्रबंधन द्वारा बीते 4 दिसंबर को आवार्डी मजदूरों को वार्ता के लिए बुलाया गया था, जो विफल रहा।

आलम ने बताया कि सीसीएल प्रबंधन लगातार आवार्डी मजदूरों को छलने का काम करती रही है, जबकि आवार्डी मजदूरों द्वारा नियोजन की मांग को लेकर अबतक कई बार आंदोलन किया गया है। बताया कि बीते 17 सितंबर को आवार्डी मजदूरों द्वारा कथारा महाप्रबंधक कार्यालय के समीप अनिश्चित कालीन भूख हड़ताल किया गया था। जिसमें 20 सितंबर को उपायुक्त बोकारो के निर्देश पर बेरमो बीडीओ मुकेश कुमार द्वारा प्रबंधन से वार्ता कर आवार्डी मजदूरों का भूख हड़ताल आंदोलन समाप्त कराया गया था। जिसमें प्रबंधन द्वारा जल्द हीं विधिक सहायता लेकर आवार्डी मजदूरों के सत्यापन के बाद नियोजन देने का लिखित आश्वासन दिया गया था। बावजूद इसके प्रबंधन अपने वादों से अबतक पिछड़ती रही है।

आलम ने बताया कि प्रबंधन के लगातार टालमटोल नीति को लेकर 17 अक्टूबर को राज्य के पेयजल स्वच्छता सह मद्द निषेध मंत्री योगेंद्र प्रसाद की अध्यक्षता में तथा बोकारो उपायुक्त अजय नाथ झा की उपस्थिति में तेनुघाट स्थित सिचाई विभाग के अतिथि गृह में बैठक की गयी थी। बैठक के बाद उपायुक्त द्वारा आवार्डी मजदूरों को कहा गया था कि उन्होंने प्रबंधन को 15 नवंबर तक बुटकी बाई के नेतृत्व में प्राप्त आवेदन पर चिन्हितिकरण करते हुए प्राथमिकता के आधार पर प्रबंधन को आवार्डी मजदूरों को नियोजन देने का निर्देश दिया था। लेकिन अबतक प्रबंधन द्वारा इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं किया गया।

आलम ने बताया कि थक हारकर 5 दिसंबर से अवार्डी मजदूरों द्वारा सीसी मुख्यालय पर भूख हड़ताल आंदोलन की गयी है। अब आंदोलनरत मजदूरों के समक्ष करो या मरो की स्थिति उत्पन्न हो गयी है।इसके लिए कथारा क्षेत्रीय प्रबंधन पुरी तरह जिम्मेवार है। कहा कि नियोजन मामले में क्षेत्रीय प्रबंधन केवल झूठ बोलने का काम कर रही है।

भूख हड़ताल में आवार्डी मजदूर बुटकी बाईने प्रेस वार्ता में बताया कि सीसीएल प्रबंधन एकबार फिर उनके आंदोलन को स्थगित करने तथा विधिक सहायता में विलंब होने की बात कही है। इसे लेकर वे सभी वार्ता छोड़कर निकल गये। आवार्डी मजदूर बुटकी बाई, डिवीजन सिंह, दुर्योधन भुइया, कार्तिक भुइयां, सुखबारा बाई, चंदन भुइयां, नीलकंठ धोबी, ठाकुर प्रजापति, कुंदन भुइयां सहित दर्जनों आवार्डी मजदूर शामिल है। आलम के अनुसार 6 दिसंबर को और भी अवार्डी मजदूर शामिल रहेंगे।

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