सीसीएल मुख्यालय पर आवार्डी मजदूरों के साथ वार्ता आज
एस. पी. सक्सेना/रांची (झारखंड)। झारखंड की राजधानी रांची के सीसीएल मुख्यालय दरभंगा हाउस के समक्ष बीते 5 दिसंबर से शुरु आवार्डी मजदूरों का भूख हड़ताल आंदोलन 6 दिसंबर की संध्या मुख्यालय प्रबंधन द्वारा वार्ता के आश्वासन के बाद वापस ले लिया गया। प्रबंधन के अनुसार आवार्डी मजदूरों के नियोजन संबंधी वार्ता 8 दिसंबर को आयोजित किया गया है।
ज्ञात हो कि बोकारो जिला के हद में सीसीएल कथारा क्षेत्र के स्वांग वाशरी क्लिनिंग कार्य से बैठाये गये आवार्डी मजदूरों द्वारा 5 दिसंबर से सीसीएल मुख्यालय दरभंगा हाउस के समक्ष भूख हड़ताल आंदोलन शुरु की गयी। इससे पुर्व कथारा क्षेत्रीय प्रबंधन द्वारा 4 दिसंबर को आवार्डी मजदूरों को वार्ता के लिए बुलाया गया था, जो विफल रहा।

जानकारी देते हुए झामुमो नेता सह झकोमयू कथारा क्षेत्रीय संयुक्त सचिव मुमताज आलम ने बताया कि सीसीएल प्रबंधन लगातार आवार्डी मजदूरों को छलने का काम करती रही है, जबकि मजदूरों द्वारा नियोजन की मांग को लेकर अबतक कई बार आंदोलन किया गया है। उन्होंने बताया कि बीते 17 सितंबर को आवार्डी मजदूरों द्वारा कथारा महाप्रबंधक कार्यालय के समीप अनिश्चित कालीन भूख हड़ताल किया गया था।
जिसमें 20 सितंबर को उपायुक्त बोकारो के निर्देश पर बेरमो बीडीओ मुकेश कुमार द्वारा प्रबंधन से वार्ता कर आवार्डी मजदूरों का भूख हड़ताल आंदोलन समाप्त कराया गया था। क्षेत्रीय प्रबंधन द्वारा जल्द हीं विधिक सहायता लेकर आवार्डी मजदूरों के सत्यापन के बाद नियोजन देने का लिखित आश्वासन दिया गया था। बावजूद इसके प्रबंधन अपने वादों को पुरा नहीं कर पायी है।
आलम ने बताया कि क्षेत्रीय प्रबंधन के लगातार टालमटोल नीति को लेकर 17 अक्टूबर को राज्य के पेयजल स्वच्छता सह मद्द निषेध मंत्री योगेंद्र प्रसाद की अध्यक्षता तथा बोकारो जिला उपायुक्त अजय नाथ झा की उपस्थिति में तेनुघाट स्थित सिचाई विभाग के अतिथि गृह में बैठक की गयी थी। बैठक के बाद उपायुक्त द्वारा प्रबंधन को 15 नवंबर तक बुटकी बाई के नेतृत्व में प्राप्त आवेदन पर चिन्हितिकरण करते हुए प्राथमिकता के आधार पर आवार्डी मजदूरों को नियोजन देने का निर्देश दिया था।

लेकिन अबतक प्रबंधन द्वारा इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं किया गया। आलम के अनुसार बीते 28 नवंबर को आवार्डी मजदूरों द्वारा जब सीसीएल मुख्यालय पत्र देकर 5 दिसंबर को भूख हड़ताल आंदोलन की घोषणा की गयी, इसके बाद मुख्यालय रांची पर 5 दिसंबर से आवार्डी मजदूरों ने भूख हड़ताल आंदोलन शुरु कर दिया। दूसरे दिन 6 दिसंबर की संध्या सीसीएल मुख्यालय रांची के महाप्रबंधक (मानव संसाधन सह औद्योगिक संबंध) प्रतुल कुमार तथा मुख्य सुरक्षा अधिकारी मेजर मनीष राज के आग्रह एवं 8 दिसंबर को वार्ता करने के आश्वासन के बाद भूख हड़ताल आंदोलन वापस ले लिया गया।
इस दौरान उपरोक्त पदाधिकारियों द्वारा सर्वप्रथम आवार्डी मजदूर बुटकी बाई तथा डिवीजन सिंह को जूस पिलाकर आंदोलन खत्म कराया गया। मौके पर उपरोक्त के अलावा झामुमो नेता मुमताज़ आलम, आवार्डी मजदूर दुर्योधन भुइया, कार्तिक भुइयां, सुखबारा बाई, चंदन भुइयां, नीलकंठ धोबी, ठाकुर प्रजापति, कुंदन भुइयां सहित दर्जनों आवार्डी मजदूर उपस्थित थे।
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