अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। माघ पूर्णिमा के अवसर पर एक फरवरी को सैकड़ों श्रद्धालुओं ने सारण जिला के हद में सोनपुर स्थित बाबा हरिहरनाथ का संध्याकालीन श्रृंगार दर्शन किया।मन्दिर परिसर में सत्यनारायण भगवान व्रत पूजन और मुण्डन संस्कार भी संपन्न किया गया। इस दौरान बाबा हरिहरनाथ के जय जयकार से सम्पूर्ण मंदिर परिसर गूंज उठा।
बताते चलें कि अस्यां तिथौ भगवान् सत्यनारायणस्य पूजा विशेषफलं ददाति माघी पूर्णिमा पर भगवान शिव का जलाभिषेक अत्यंत फलदायी माना जाता है। हरिहरनाथ मंदिर के मुख्य अर्चक आचार्य सुशीलचंद्र शास्त्री, पुजारी पवन शास्त्री एवं नन्द बाबा ने बताया कि इस दिन पवित्र गंगाजल या सामान्य जल से अभिषेक करने से मानसिक शांति, वैवाहिक सुख और पारिवारिक क्लेश से मुक्ति मिलती है। यह व्रत और पूजन सुख-समृद्धि, सुखद वैवाहिक जीवन और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने में सहायक माना जाता है। कहा गया कि इस दिन भगवान शिव का अभिषेक करने से मानसिक तनाव दूर होता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
इस अवसर पर कच्चे दूध से देवधि देव भगवान शिव का अभिषेक करने से घर में हो रहे कलह समाप्त होते हैं और दांपत्य जीवन में सुख-शांति आती है। माघी पूर्णिमा पर रुद्राभिषेक करने से विशेष रूप से चंद्र और राहु से जुड़े दोषों से शांति मिलती है। इस दिन किया गया अभिषेक सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना अधिक फल प्रदान करता है। माघी पूर्णिमा का व्रत और पूजन धन, सुख-समृद्धि और सफलता को बढ़ाता है।

माघी पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु और शिव की संयुक्त कृपा प्राप्त करना विशेष होता है। माघे स्नानं महापुण्यं, यत्किंचित्कुरुते नरः। माघ मास में, विशेषकर पूर्णिमा पर स्नान करने से अपार पुण्य प्राप्त होता है। व्रतैर्दानस्तपोभिश्च न तथा प्रीयते हरिः। माघमज्जनमात्रेण यथा प्रीणाति केशवः॥ यथा व्रत, तप और दान से भगवान हरि उतने प्रसन्न नहीं होते, जितना माघ माह में स्नान मात्र से होते हैं। इस दिन तिलों का दान करना अत्यंत शुभ माना गया है, जिसे तिल पूर्णिमा भी कहते हैं। इस दिन गंगा स्नान से रोगों का नाश होता है और मन-आत्मा को शुद्धि प्राप्त होती है। माघ-पूर्णिमा महा-पुण्यप्रदा भवति: माघ मास की पूर्णिमा अत्यंत पुण्य देने वाली होती है। अत्र दिने गङ्गायां स्नानं रोगनाशकं पापविनाशकं च मान्यते।
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