प्रहरी संवाददाता/चाईबासा (पश्चिम सिंहभूम)। पश्चिम सिंहभूम जिला के हद में सेल की गुआ लौह अयस्क खदान में एक दर्दनाक हादसे में अनुभवी सेलकर्मी चरण पूर्ति की घटनास्थल पर हीं मौत हो गई।
घटना के संबंध में बताया जा रहा हैं कि खदान परिसर में ड्यूटी के दौरान हौलपैक (डम्फर) वाहन का टायर में हवा भरा जा रहा था, तभी टायर ब्लास्ट कर गया, जिससे पूर्ति की मौके पर मौत हो गई, जबकि एक ठेका श्रमिक सोनु पात्रो और एक सेल स्थायी श्रमिक गोरांगो पुथाल घायल हो गया।
खदान में कार्यरत कामगारों के अनुसार घटना के उपरांत चरण पूर्ति को गुआ अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद खदान में मजदूरों में शोक तथा प्रबंधन के प्रति रोष व्याप्त हैं।
घटना की जानकारी मिलते ही खदान परिसर और कॉलोनी क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। साथी मजदूरों और रहिवासियों ने सेल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। चिंता का विषय यह है कि एक ही सप्ताह के भीतर गुआ खदान में यह दूसरी मौत है। कुछ दिन पूर्व एक नाबालिग ठेका मजदूर की निर्माणाधीन भवन से गिरकर मौत हो गयी थी, जिसके बाद श्रमिक संगठनों ने भारी विरोध-प्रदर्शन किया था।
उक्त घटना में मृतक के परिजनों को ₹30 लाख मुआवजा और एक आश्रित को सप्लाई मजदूर की नौकरी दी गई थी।
इस घटना से खदान क्षेत्र में सुरक्षा मानकों की पोल खुल गयी हैं। कामगार चरण पूर्ति की मौत ने गुआ खदान में सुरक्षा मानकों को लेकर चल रही व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। हौलपैक का टायर में हवा भरने या बदलने जैसे कार्य में अत्यधिक सावधानी की आवश्यकता होती है।
ऐसे कार्य में यदि कोई कर्मी टायर फटने से मौत का शिकार हो जाये, तो यह अव्यवस्था की ओर इशारा करता है।परिजनों और गुवा के श्रमिकों के अनुसार अगर खदान में सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त रहती तो चरण पूर्ति की जान बच सकती थी।
कामगारों ने मृतक के परिवार को विशेष मुआवजा, परिजनों को स्थायी नौकरी, घटना की उच्च स्तरीय जांच, खदान में सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की माँग की है। सेल गुवा प्रबंधन के वरीय चिकित्सक डॉ अशोक कुमार अमन ने घटित घटना के उपरांत त्वरित कार्यवाही करते हुए ठेका श्रमिक सोनू पात्रों व अन्य सेल स्थायी श्रमिक गोरांगो पुथाल को टीएमएच नोवामुंडी चिकित्सालय रेफर कर दिया है।
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