हिंदूपुत्र संगठन के संरक्षक राजीव ब्रह्मर्षि समर्थकों के साथ पुलिस प्रशासन की निगरानी में रहे
संतोष कुमार/वैशाली (बिहार)। अपने संगठन के विचारधारा को विभिन्न आंदोलनों के जरिए लेकर चल रहे हिंदुपुत्र संगठन के संरक्षक राजीव ब्रह्मर्षि को 6 दिसंबर को करीब साढ़े सात घंटों से अधिक देर तक वैशाली जिला मुख्यालय हाजीपुर से सटे अपने अदलपुर स्थित आवास पर नजर बन्द रखा गया। खुद संरक्षक ने यह जानकारी मीडिया से साझा किया। साथ ही प्रतिक्रिया भी दी।
प्रतिक्रिया में संरक्षक ने कहा कि प्रशासनिक दृष्टिकोणों (Administrativ perspective) का वे पूरा सम्मान करते हैं। सरकार की ऐसी किसी भी नीतियों को वे बेहतर नहीं मानते। स्थानीय प्रशासन के प्रति कोई रोष संरक्षक के चेहरे पर नहीं दिख रहा था। जब वे नजर बन्द थे।
हालांकि पुलिस के तरफ से मामले को लेकर कोई बयान नहीं दिया गया। हिंदुपूत्र संगठन के संरक्षक के अनुसार उन्हें सुबह छह बजे से पुलिस प्रशासन ने नजर बन्द कर रखा था।
संरक्षक ने कहा कि हिंदुत्व एक ऐसी विचारधारा है जिससे प्रकृति के वैसे श्रोतों की सुरक्षा होती रहती है, जो प्राण दायिनी प्राकृतिक स्रोत हैं। उन्होंने ऑक्सीजन और पीपल के वृक्ष का उदाहरण देते हुए इसे स्पष्ट भी किया।
ज्ञात हो कि शौर्य दिवस पर संगठन की तरफ से आयोजित किसी कार्यक्रम की जानकारी मिलने पर स्थानीय पुलिस प्रशासन वहां सुबह ही पहुंच गई थी। काफी देर तक वहां पुलिस कर्मी और अधिकारी आवास के बाहर डटे रहे।
स्थानीय पुलिस के वहां रहते ही संरक्षक के आवास पर समर्थकों की मौजूदगी में हाजीपुर अंचल के सीओ डॉ मुकुल कुमार झा पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले नजर बन्द संरक्षक ब्रह्मर्षि से मुलाकात की और उन्हें नियमों के अनुपालन की नसीहत दी। सीओ के आग्रह पर संरक्षक ने स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का भरोसा दिलाते हुए कहा कि वे इस तरह की सरकारी नीतियों का विरोध करते हैं।
जानकारी के अनुसार हाजीपुर के पुराने और जाने पहचाने चौक पर संगठन की तरफ से शौर्य दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन होना था। इसी जानकारी को आधार मानते हुए एहतियातन पुलिस प्रशासन की तरफ से यह कदम उठाया गया।
मालूम हो कि प्रत्येक शौर्य दिवस पर संरक्षक राजीव ब्रह्मर्षि और समर्थकों द्वारा बाबरी विध्वंस के क्रम में दिवंगत हुए बलिदानियों को कार्यक्रम आयोजित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी जाती है।
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