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पेटरवार में धूमधाम से मनाया गया हिंदू नव वर्ष, निकाली गई रैली

इस भूमि में जो जन्म लिया है वह भारत माता का संतान है-संघ प्रचारक

प्रहरी संवाददाता/पेटरवार (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में पेटरवार प्रखंड के बुंडू पंचायत मेलाटांड़ दुर्गा मंडप के प्रांगण में चैत्र शुक्ल प्रतिपदा 19 मार्च, हिंदू नववर्ष संवत 2083 के आगमन पर हिन्दू सम्मलेन का आयोजन किया गया। जिसका संचालन राष्ट्रीय स्वयं सेवक के शशिकांत सिंघला ने किया।

इस सम्मलेन में सनातन धर्म, भारतीय संस्कृति एवं राष्ट्रीय चेतना के बारे में रहिवासियों को संक्षिप्त में बताया गया। वहीं पेटरवार संघ के द्वारा भंडारे का आयोजन किया गया। जिसमें काफी संख्या में महिला, पुरुष बढ़ चढ़ कर भाग लिया। इस अवसर पर गोमिया के पूर्व विधायक डॉ लंबोदर महतो शामिल होकर पेटरवार की जनता को हिंदू नव वर्ष की शुभकामनाएं दी। हिन्दू नव वर्ष के मौके पर राम भक्तो का जन सैलाब जय श्रीराम के उद्घोष से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।

वहीं ढोल नगाड़ा के धुन और हाथों में भगवा झंडा लिए रामभक्त जय श्रीराम का नारा लगाते पेटरवार के मेलाटांड़ से मंदिर टोला, छत्रु राम महतो चौक, एन एच 23, न्यू बस स्टैंड, बाजार टांड़, मठ टोला, बक्सी टोला, खत्री टोला, ठाकुर मोहल्ला सहित विभिन्न मार्ग का भ्रमण करते हुए मेलाटांड दुर्गा मंदिर के प्रांगण में पहुंचे। पूरे रास्ते में दोनों तरफ से महिलाएं छोटे-छोटे बच्चियों द्वारा फूलों का बरसात किया जाता रहा।

बताया जाता है कि पेटरवार के मेलाटांड़ प्रांगण में पहुंचते ही माहौल भक्ति मय हो गया और जय श्रीराम के उद्घोष के नारे घंटो लगते रहें। वहीं जगह जगह पर पेटरवार पुलिस प्रशासन साथ साथ चल रहे थे। राम भक्तो ने कहा कि आज हिंदू सामाज हर्षोल्लास के साथ हिन्दू नव वर्ष मना रहें। वही रैली के पश्चात विराट हिन्दू सम्मलेन में प्रवर्तित हो गया। सम्मलेन में सनातन धर्म, भारतीय संस्कृति एवं राष्ट्र चेतना की जानकारी दी गयी।

इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयं सेवक के प्रचारक विजय घोष ने कहा कि आज के दिन पुरे देश के हर प्रखंडों में विराट हिंदू सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। घोष ने कहा कि विभिन्न जाति के नाम पर, संघ के नाम पर तथा समुदाय के नाम पर हिंदू को तोड़ने का जो काम किया जा रहा है, इस भूमि में जो जन्म लिया है वह भारत माता का संतान है। इसलिए राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने 100 वर्ष का अनुभव करने का काम कर रहा है।

उन्होंने कहा कि अंग्रेजों का दिया हुआ जनवरी में न्यू वर्ष को हम नहीं मानते हैं। हम जो अपना देश जो पवित्र धरती धर्म है, जो पवित्र भूमि है, आज चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के दिन हिंदू नव वर्ष मानते हैं। आरक्षण पर उन्होंने कहा कि जब देश स्वतंत्र हुआ था, कुछ समाज शिक्षा में पीछे और समाज में उनका उठना बैठना नहीं था। उसे ऊपर उठाने के लिए डॉ भीमराव अंबेडकर ने 10 वर्ष के लिए आरक्षण का व्यवस्था किया था।

लेकिन राजनीति के कारण आज ब्राह्मण समाज, चाहे महतो समाज, चाहे जिस समाज जहां पर रहते हैं। राजनीतिबाज उन्ही समाज के नेता को खोज कर भाषण दिलाने का काम करते हैं। कबड्डी जैसे खेल में ब्राह्मण हो चमार हो एक दूसरे को उठाकर पटकते हैं तो ताली बजने लगती है। यह नहीं देखते है कि वह ब्राह्मण है कि चमार। वही कीर्तन भजन में हर जाति एक साथ बैठ कर भजन कीर्तन करते हैं। संघ माला की तरह हिंदुओं को जोड़ने का काम करता रहा हैं, ना कि तोड़ने का। हम सब भारत माता के संतान है। यही हमारा संदेश है।

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