एस.पी.सक्सेना/बोकारो। झारखंड स्टेट लीगल सर्विस अथॉरिटी (Jharkhand state ligal sarvic authority) (झालसा) द्वारा राज्य के सभी जिलों एवं प्रखंडों में आगामी 30 जनवरी को विधिक सेवाएं -सह- सशक्तिकरण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। शिविर के आयोजन एवं तैयारियां को लेकर 17 जनवरी को झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति एचसी मिश्रा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी प्रधान जिला न्यायाधीश एवं उपायुक्त से वस्तु स्थिति का जायजा लिया।
वीडियो कांफ्रेंसिंग में बोकारो जिला के प्रधान जिला न्यायाधीश पीके श्रीवास्तव ने न्यायमूर्ति मिश्रा को बताया कि सिविल को लेकर न्याय सदन तथा जिला प्रशासन आपसी समन्वय स्थापित कर कार्य कर रहे हैं, ताकि बोकारो जिला के अधिक से अधिक लाभुकों को शिविर के माध्यम से विभिन्न योजनाओं का लाभ प्रदान किया जा सके। साथ ही कार्यक्रम के माध्यम से आम लोगों को न्यायिक प्रक्रिया तथा कानूनी सलाह एवं परामर्श दिया जा सके। जिले के अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति लोगों को शिविर के माध्यम से विशेष सहायता तथा विभिन्न योजनाओं से आच्छादित करने हेतु जिला प्रशासन के साथ मिलकर डेटा संग्रह किया जा रहा है, ताकि जिले के गरीब-गुरुवा लोगों को विभिन्न योजनाओं का लाभ शिविर के माध्यम से दिया जाये।
उपायुक्त राजेश सिंह ने न्यायमूर्ति मिश्रा को बताया कि विधिक सेवाएं -सह- सशक्तिकरण शिविर को लेकर बोकारो जिला प्रशासन काफी गंभीर है। आगामी 30 जनवरी को शिविर के आयोजन के दौरान बोकारो जिला के अधिक से अधिक लाभुकों को विभिन्न योजनाओं का लाभ मिल सके। इसके लिए सभी विभागों के पदाधिकारियों को सूची बना कर जल्द से जल्द प्रतिवेदन समर्पित करने का आदेश निर्गत कर दिया गया है। बोकारो जिला प्रशासन शिविर के आयोजन के दौरान लगभग 5000 लाभुकों के बीच विभिन्न परिसंपत्तियों का वितरण करेगी। साथ ही साथ बोकारो जिला के गरीब एवं असहाय लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ देने के साथ-साथ उन्हें कानूनी जानकारी एवं परामर्श मिल सके। इस दिशा में शिविर के माध्यम से पहल की जाएगी। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान सचिव डीएलएसए विश्वनाथ उरांव एवं सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा पदाधिकारी रविशंकर मिश्रा उपस्थित थे।
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