युधिष्ठिर महतो/धनबाद (झारखंड)। भारत के पूर्व राष्ट्रपति, महान वैज्ञानिक, प्रेरणादायक शिक्षक और मिसाइल मैन डॉ एपीजे अब्दुल कलाम को हमेशा से अपनी आदर्श हस्ती मानने वाले हीरो राजन कुमार ऐतिहासिक पुरस्कार डॉ कलाम यूथ रत्न अवॉर्ड से सम्मानित किए गए।
जयपुर के राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में दुनिया की सबसे बड़ी मूँछ रखने वाले और गिनिज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड होल्डर रामसिंह चौहान के हाथो इलेक्शन कमिशन ऑफ इंडिया के आइकॉन और समाजसेवी हीरो राजन कुमार को यह अवॉर्ड मिलना मुंगेर और बिहार वासियों के लिए गर्व की बात है।
हाल ही में हीरो राजन की फिल्म आखिर आई है। इस अवॉर्ड को मिलने के बाद उन्हें बधाइयों का तांता लगा है। राजस्थान के गुलाबी नगर जयपुर में आयोजित कलाम युथ लीडरशिप कॉन्फ्रेंस 7.0 के दौरान हीरो राजन कुमार को यह अवॉर्ड मिला। उनके प्रसंशकों ने उन्हें शुभकामनाएं दी और कहा कि इस अद्भुत सम्मान से सम्मानित होकर आपने न केवल अपने सपनों को साकार किया, बल्कि डॉ ए.पी.जे. अब्दुल कलाम जैसे महान व्यक्तित्व से अपने जीवन को जोड़ कर हम सब को गौरवान्वित किया है। यह सम्मान आपके समर्पण, परिश्रम और सकारात्मक सोच का प्रतीक है। आपका यह सफर हम सभी के लिए प्रेरणादायक है।
हीरो राजन कुमार ने मुन्ना कुमार और उनकी टीम सहित सभी सहयोगियों और शुभचिंतकों का आभार जताया, जिन्होंने इस उपलब्धि में अपना योगदान दिया। साथ हीं कहा कि मेरी कामना है कि चाहने वालों का प्यार और आशीर्वाद सदैव यूँ ही बना रहे। हीरो राजन ने एपीजे अब्दुल कलाम की पुण्यतिथि पर उन्हें कोटि-कोटि नमन किया और कहा कि भारत के पूर्व राष्ट्रपति, महान वैज्ञानिक, मिसाइल मैन के नाम से विश्वविख्यात, भारतरत्न डॉ कलाम के अनमोल विचार जिंदगी में कामयाबी और एनर्जी भरते हैं।
कहा कि वे कहा करते थे कि, अगर तुम सूरज की तरह चमकना चाहते हो तो पहले सूरज की तरह जलो। हमारे प्रेरणा स्रोत डॉ कलाम भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, मगर उनकी यादें और बातें आज भी देशवासियों के मन मस्तिष्क में जिन्दा हैं। उनके प्रेरणादायक विचार को आप अपनी जिंदगी मे शामिल कर लें तो कड़ी मेहनत से अपने सपनों को साकार कर सकते है।
हीरो राजन ने इस अवार्ड कार्यक्रम के संस्थापक मुन्ना कुमार को ढेर सारी बधाई दी। जिन्होंने डॉ ऐ पी जे अब्दुल कलाम की जिंदगी पर किताब कल्पना से वास्तविकता तक : कलामवाद लिखी और इसको रिलीज किया है। बता दें कि, मुन्ना कुमार राजन कुमार के अभिन्न दोस्त हैं और वे उनके हुनर से भलीभांति परिचित हैं। हीरो राजन की उपस्थिति किसी भी कार्यक्रम की सफलता की गारंटी मानी जाती है। ऐसे में इस फंक्शन में भी उन्होंने प्रोग्राम को चार चांद लगा दिया और माहौल में सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया।
डॉ राजन बिहार के मुंगेर जिला के ऐसे असाधारण व्यक्तित्व हैं, जिन्हें दुनिया भर में चार्ली चैपलिन द्वितीय के नाम से जाना जाता है। वे सिर्फ़ एक अभिनेता, कलाविद् और कवि ही नहीं, बल्कि एक किसान, सामाजिक कार्यकर्ता और सबसे बढ़कर, आमजनों के चेहरों पर मुस्कुराहट बिखेरने वाले जादूगर हैं। उन्होंने शिक्षा में मानद डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की है।
उनकी रचनात्मकता अंकुर’ और हंसता बचपन जैसे बाल कविता संग्रहों में भी झलकती है। उनकी सबसे बड़ी पहचान उनकी मूक हास्य अभिनय कला (साइलेंट कॉमेडी) है। उन्होंने चार्ली चैपलिन के रूप में सर्वाधिक लाइव शो करने का गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड और लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम किया है। पिछले 25 सालों से, वे बिना कुछ बोले, अपने इशारों और शारीरिक भंगिमाओं से दुनिया भर को हँसा रहे हैं। अब तक उन्होंने 5157 से अधिक सजीव प्रस्तुतियाँ देकर यह साबित किया है कि बिना शब्दों के भी भावनाओं को कितनी गहराई से व्यक्त किया जा सकता है।
उन्होंने कई महत्वपूर्ण संस्थाओं की स्थापना की है, जिनमें बिहार फिल्म एंड टेलीविजन आर्टिस्ट एसोसिएशन (रजि.), ग्रामीण कला और कलाकारों को समर्पित संस्था कलाग्राम और फिल्म निर्माण कंपनी ओमकार फिल्म एंड टेलीविजन प्रोडक्शन शामिल हैं। डॉ राजन कुमार की सफल हिंदी सिनेमा में नमस्ते बिहार, शहर मसीहा नहीं, लहरिया कट शामिल हैं। उन्हें भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा छऊ नृत्य के लिए भी सम्मानित किया जा चुका है।
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