बिहार राज्य निर्माण निगम लिमिटेड की कार्यशैली पर उठे गंभीर सवाल
एस. पी. सक्सेना/मुजफ्फरपुर (बिहार)। मुजफ्फरपुर जिला के हद में चंदवारा स्थित पुल का निर्माण कार्य विवादों में घिरता जा रहा है। बिहार राज्य निर्माण निगम लिमिटेड द्वारा निर्मित उक्त पुल के रेलिंग का निर्माण कई स्थानों पर अधूरा है। जहाँ रेलिंग लगाई गई है, वहां घटिया सामग्री के उपयोग के कारण ज्यादातर हिस्सों में दरारें और टूट-फूट दिखने लगा है।
ज्ञात हो कि, उक्त पुल को लेकर तब चर्चा तेज हुई जब बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की विकास यात्रा के दौरान इसका औचक निरीक्षण किया गया। तब जिला प्रशासन ने आनन फानन में तात्कालिक सजावट के लिए पुल को फूलों और चूने से सजाकर सतही रूप से सब कुछ ठीक है का असफल प्रयास किया। बावजूद इसके स्थानीय मीडियाकर्मियों की सख्त निगाहों ने हकीकत उजागर कर दिया। उक्त भ्रष्ट निर्माण की तस्वीरों और वीडियो को कई अखबारों ने प्रमुखता से प्रसारित किया, जिसमें पुल की रेलिंग की दरारें, उखड़ता प्लास्टर और अधूरा कार्य साफ तौर पर दिखाया गया।

क्षेत्र के गणमान्य जनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि यह पुल निर्माण एक सुनियोजित भ्रष्टाचार का उदाहरण है। कहा गया कि इस कार्य में इंजीनियरों, ठेकेदारों और निगम के अधिकारियों की मिलीभगत से सरकारी धन की बर्बादी की गयी है। इस मामले में अबतक बिहार राज्य निर्माण निगम लिमिटेड ने न तो कोई औपचारिक जवाब दिया है और न ही पुल की मरम्मत या दोषियों पर कार्रवाई की कोई प्रक्रिया शुरू की है। इससे आमजनों में नाराजगी और क्षोभ व्याप्त है।
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