गंगोत्री प्रसाद सिंह/हाजीपुर (वैशाली)। वैशाली जिला के हद में महनार स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बीते 27 जून को बिहार के स्वास्थ्य विभाग द्वारा अल्ट्रासाउंड मशीन लगाई गयी, लेकिन उसे चलाने के लिए स्वास्थ्य केंद्र में रेडियोलॉजिस्ट और टेक्नीशियन की नियुक्ति ही नहीं की गई हैं।
जानकारी के अनुसार वैशाली जिला मुख्यालय हाजीपुर से सुदूर स्थित क्षेत्र के रहिवासियों के लिए सरकारी चिकित्सा के नाम पर महनार स्थित यह स्वास्थ्य केंद्र एकमात्र सरकारी अस्पताल है, लेकिन यहां स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी पहले से ही चली आ रही है। जिसके कारण महनार और आसपास के मरीजों को इलाज के लिए परेशानी झेलनी पड़ती है। जब मशीन लगाई जा रही थी तब अस्पताल में मौजूद मरीजों और उनके अभिभावकों में काफी खुशी देखी गई। सभी जानने को उत्सुक थे कि कब से अल्ट्रासाउंड चालू होगी।
लेकिन सीएचसी प्रभारी ने बताया कि अस्पताल में सभी तरह की दवाएं तो उपलब्ध हैं, लेकिन अल्ट्रासाउंड मशीन को संचालित करने के लिए रेडियोलॉजिस्ट और टेक्नीशियन की जरूरत पड़ेगी, जो स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थापित नहीं हैं। उन्होंने बताया कि अस्पताल में डॉक्टरों की कमी भी एक बड़ी समस्या है।
अस्पताल में उपस्थित कई मरीज के अभिभावक और सामाजिक कार्यकर्ता ने बताया कि अस्पताल में चिकित्सकों की कमी है। जो चिकित्सक यहां नियुक्त है उनमें से कई समय से अस्पताल नहीं आते, जिस वजह से स्थानीय गरीब मरीज निजी चिकित्सक के यहां अपना इलाज करने को मजबूर हैं। जबकि, सरकार ने मरीजों के इलाज के लिए यहां सारी व्यवस्था कर रखी है।
अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट नहीं होने के कारण मरीजो को निजी अस्पताल में जाना पड़ रहा है। रहिवासियों ने बताया कि निजी अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की कीमत काफी महंगी है। कइयों ने तो यह भी बताया कि अस्पताल में डॉक्टरों की कमी भी बड़ी समस्या है, जिससे उन्हें इलाज के लिए बाहर जाना पड़ता है। मरीजों और उनके अभिभावकों ने मांग की है कि सरकार और स्वास्थ्य विभाग महनार सीएचसी में रेडियोलॉजिस्ट और टेक्नीशियन नियुक्ति करे, ताकि अल्ट्रासाउंड मशीन और अन्य संसाधनों का लाभ मरीजों को मिल सके।
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