श्रमिक नेताओं ने की रिजेक्ट व् स्लरी स्टॉक वेरिफिकेशन व् ई-ऑक्शन की मांग
एन. के. सिंह/फुसरो (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में सीसीएल बीएंडके क्षेत्र के करगली वाशरी के 10 हजार टन रिजेक्ट कोल और स्लरी स्टॉक मामले को छपने का जबरदस्त असर हुआ है। इस संबंध मे श्रमिक संगठन के प्रतिनिधियों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है, साथ ही सीसीएल मुख्यालय द्वारा संज्ञान लेने की सूचना प्राप्त हुई है। शीघ्र ही स्टॉक वेरिफिकेशन के लिए एक टीम का गठन किया जा सकता है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार स्टॉक वेरिफिकेशन के बाद करगली वाशरी के स्टॉक में बचे रिजेक्ट कोल और स्लरी को ई-ऑक्शन द्वारा रोड सेल किया जाएगा। इस रजिस्टर्ड रिजेक्ट और स्लरी स्टॉक से काफी मात्रा में अवैध तरीके से उठाव होने की बात कही जा रही है। यह भौतिक सत्यापन से ही स्पष्ट हो पाएगा कि 10 हजार टन में से अब तक कितना रिजेक्ट कोल व स्लरी स्टॉक में बचा है।
इस मामले में सबसे आश्चर्य की बात यह कि क्षेत्र के उच्च अधिकारी के संज्ञान में ना होना। ज्ञातव्य हो कि करगली एक नंबर बंद खदान के समीप हीरक रोड के पास यह स्टॉक है। इस संबंध में राष्ट्रीय कोयला मजदूर यूनियन बीएंडके क्षेत्रीय सचिव गजेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय संपत्ति की लूट हुई है, तो इसकी जांच होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि स्टॉक में बचे रिजेक्ट कोल व स्लरी का उठाव शीघ्र होना चाहिए। इससे सीसीएल और झारखंड सरकार को काफी फायदा होगा। इस संबंध में पूछताछ करने पर आरसीएमयू क्षेत्रीय सचिव श्यामल कुमार सरकार ने कहा कि स्टॉक का शीघ्र वेरिफिकेशन होनी चाहिए और ई-ऑक्शन द्वारा बचे रिजेक्ट कोल व स्लरी का उठाव होना चाहिए।
इससे सरकार को भी रेवेन्यू मिलेगा। उन्होंने कहा कि यदि कोई गड़बड़ी हुई है तो दोषी अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई होनी चाहिए। सीटू के क्षेत्रीय सचिव विजय कुमार भोई ने कहा कि भौतिक सत्यापन में करगली वाशरी के रिजेक्ट कोल व स्लरी स्टॉक में कम पाया जाता है तो दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई होनी चाहिए।
सीसीएल सीकेएस के क्षेत्रीय कार्यकारी अध्यक्ष विनय कुमार पाठक और क्षेत्रीय सचिव दिलीप मलिक ने भी कहा कि स्टॉक वेरिफिकेशन के बाद जल्द उठाव होनी चाहिए। श्रमिक संगठन के प्रतिनिधियों के तीखे तेवर से प्रतीत होता है कि यह मामला उच्च स्तर पर उठेगा। जिसका दूरगामी परिणाम होगा।
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