बर्खास्त कर्मचारी को पुनः बहाली हेतु विधायक से हस्तक्षेप की मांग
एस. पी. सक्सेना/बोकारो। सीसीएल मुख्यालय प्रबंधन द्वारा सीसीएल बोर्ड के निर्णय के आलोक में लंबी अनुपस्थिति के आरोप में बर्खास्त कर्मचारियों का पुनः बहाली के लिए कार्यालय आदेश निर्गत किया गया था। निर्गत कार्यालय आदेश में बर्खास्त कर्मचारियों का अवधि के संबंध में लिए गए निर्णय के अनुसार एक जनवरी 2000 से 4 सितंबर 2012 के बीच अनुपस्थिति के आरोप में कामगार बर्खास्त हुए हो। आवेदन के तिथि से सेवा काल अवधि 5 वर्ष बचा हो, साथ ही अनुपस्थिति के तिथि से पहले के तीन वर्ष में उपस्थित प्रत्येक वर्ष 75 दिन की उपस्थिति अनिवार्य हो वैसे कर्मचारी पुनः बहाली के लिए योग्य समझे जाएंगे।
प्राप्त आवेदन के आलोक में प्रबंधन उनके आवेदन पर विचार करते हुए पुन: बहाली की प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगे। लिए गए निर्णय के आलोक में सीसीएल मुख्यालय द्वारा वर्ष 2013 में 35 कर्मचारी, वर्ष 2014 में 30 कर्मचारी तथा वर्ष 2016 में 57 श्रमिकों का पुनः बहाली की प्रक्रिया पूरी की गयी थी। जानकारी देते हुए इंटक से संबद्ध राष्ट्रीय कोलियरी मजदूर यूनियन नेता अजय कुमार सिंह ने 5 जुलाई को कहा कि चौथे चरण के पुनः बहाली की प्रक्रिया में 26 श्रमिकों का मामला 10 वर्षों से अधिक समय तक लटकाए रखा गया है। ऐसे में सीसीएल प्रबंधन अपने हीं नियमावली की अवहेलना करने में लगी है।
उन्होंने बताया कि बोकारो जिला के हद में बेरमो कोयलांचल के अंतर्गत कोयला खदानों में पुर्व में कार्यरत श्रमिकों में धनेश्वर यादव, शंकर हंसदा सहित अन्य शामिल हैं, जिन्हें प्रबंधन अबतक पुर्ननियुक्त नहीं कर पायी है। उन्होंने बताया कि धनेश्वर यादव के मामले में परियोजना प्रबंधन से मुख्यालय प्रबंधन तक लगातार पत्राचार में प्रबंधन द्वारा लिखित प्राप्त पत्र में जल्द ही मामले का निपटारा पूरा करने का लिखित आश्वासन प्राप्त होता रहा है। लेकिन लंबे अंतराल के बाद भी उसे न्याय नहीं मिल पाना मजदूरों के साथ घोर अन्याय है।
इस संदर्भ में क्षेत्र के दर्जनों मजदूरों ने राष्ट्रीय कोलियरी मजदूर यूनियन के केंद्रीय अध्यक्ष व बेरमो विधायक कुमार जय मंगल उर्फ अनूप सिंह से मिलकर पीड़ित श्रमिक को जल्द से जल्द न्याय दिलाये जाने की मांग की है। इस संदर्भ में श्रमिक नेता अजय कुमार सिंह ने कहा कि पीड़ित धनेश्वर यादव लंबे समय से न्याय के लिए भटक रहा है। कहा कि वैसा न्याय जो समय पर नहीं मिल पाए, वह न्याय नहीं रह जाता है। प्रबंधन द्वारा उक्त श्रमिक को जल्द न्याय नहीं दिया गया तो इस बार न्याय दिए जाने तक बड़ा और कड़ा संघर्ष जारी रहेगा।
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