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हजूर हम मर गये थे, तो नदी से कैसे जिन्दा आ गये-घमु प्रजापति

विभाग द्वारा मृत बताकर पेंशन रोकने पर छलका वृद्ध का दर्द

विजय कुमार साव/गोमियां (बोकारो)। हुजूर यदि हम मर गए तो नदी से कैसे जिंदा आ गए। सरकारी महकमा द्वारा घमु प्रजापति को मृत बताकर पेंशन रोक दिए जाने के बाद 4 नवंबर को आयोजित सरकार आपके द्वार में उक्त बुजुर्ग का दर्द छलका।

गोमियां प्रखंड के हद में होसिर मध्य विद्यालय मैदान में होसिर पूर्वी एवं पश्चिमी पंचायत का संयुक्त आपकी योजना, आपकी सरकार, आपके द्वार कार्यक्रम में कई योजनाओं का समाधान ऑन द स्पॉट किया गया। वहीं एक 64 वर्षीय वृद्ध घमु प्रजापति कार्यक्रम में आये और पदाधिकारियों के समक्ष अपने जिंदा होने का सबूत दे रहा था।

इस दौरान वृद्ध ने पदाधिकारियों से कहा कि हजूर मैं तो जिंदा हूं, फिर सरकारी दस्तावेजों में मुझे मृत घोषित कर मेरा पेंशन क्यों रोक दिया गया है। इस संबंध में हजूर ने भी वृद्ध को आश्वासन देते हुए कहा कि आप नए सिरे से पेंशन के लिए आवेदन दें। आपका पेंशन चालू हो जाएगा।

मालूम हो कि, होसिर पश्चिमी पंचायत के 64 वर्षीय निवासी वृद्ध घमु प्रजापति को वृद्धावस्था का पेंशन मिलता था। विगत कई महीने से इन्हें पेंशन मिलना बंद हो गया।

जब इस बारे में वृद्ध ने छानबीन किया तो उन्हें पता चला कि सरकारी दस्तावेजों में उसे मृत घोषित कर उनका पेंशन बंद कर दिया गया है।यह जानकर उनके पैरों तले जमीन ही खिसक गई। होसिर में 4 नवंबर को लगे सरकार आपके द्वार शिविर के माध्यम से वे अपने आपको जिंदा होने का सबूत पदाधिकारियों को देते नजर आए।

इस संबंध में गोमियां विधायक डॉ लम्बोदर महतो ने कहा कि ये सिर्फ एक ही मामला नहीं है। इस तरह के लगभग हजार मामले उनके विधानसभा क्षेत्र में है, जहां जिंदा व्यक्ति को मृत घोषित कर उनका वृद्धा एवं विधवा पेंशन बंद कर दिया गया है।

उन्होंने कहा कि वे इस संबंध में सरकार एवं जिला प्रशासन से मांग करते हैं कि इस मामले में संज्ञान लेते हुए त्वरित गति से इसका संशोधन करें, जिससे पुनः ऐसे लाचार व्यक्तियों का पेंशन चालू हो सके।

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