ममता सिन्हा/तेनुघाट (बोकारो)। पतंजलि परिवार की ओर से 30 मार्च को रेड क्रॉस भवन गिरिडीह में रामनवमीं पर्व एवं योग गुरु रामदेव के सन्यास दीक्षा दिवस के अवसर पर हवन कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इस अवसर पर बताया गया कि मनुष्य का एक जन्म जिस प्रकार मां के गर्भ से होता है। उसी प्रकार उसका दूसरा जन्म गुरु दीक्षा लेने पर संयास आश्रम में होता है। स्वामी रामदेव का संन्यास आश्रम में 1995 में रामनवमी के दिन प्रवेश हुआ था।
तब से सन्यासी के रूप में भारतवर्ष को योग, आयुर्वेद और स्वदेशी के साथ-साथ भारतीय ऋषि परंपराओं को आगे बढ़ाने और पूरे विश्व मे इसके कृतिमान को स्थापित करने का कार्य कर रहे हैं।
बताया गया कि हरिद्वार में सन्यास दीक्षा दिवस पूरे धूमधाम से कई दिनों से मनाया जा रहा है। स्वामी रामदेव आज के दिन 40 युवाओं तथा 60 युवतियों कुल 100 युवाओं को सन्यास का दीक्षा देंगे। ये सब समर्पित भाव से राष्ट्र के उत्थान के लिए कार्य करेंगे।
वक्ताओं ने कहा कि आज के दिन का विशेष महत्व है। मां दुर्गा का नवरात्रि का समापन भी आज के दिन ही है। आज के दिन भगवान श्रीरामचंद्र का जन्म भी हुआ था।
इस अवसर पर यहां रहिवासियों ने उत्साह और श्रद्धा पूर्वक हवन किया। अग्नि में विभिन्न प्रकार के औषधीय वस्तुओं की आहुति दी। आज का कार्यक्रम राज्य कार्यकारिणी सदस्य चंद्रहास के नेतृत्व में किया गया। योग शिक्षिका पुष्पा शक्ति द्वारा गायत्री विधि से हवन कार्य को संपन्न कराया गया।
मौके पर भारत स्वभिमान के जिला प्रभारी नवीन कांत सिंह, चंद्रहास कुमार, पुष्पा शक्ति, सपना राय, लक्ष्मी छाया, उत्कर्ष गुप्ता, प्रभाकर कुशवाहा, आशा चौरसिया, सीमा लाल, डॉ आरती वर्मा, सुनीता बर्णवाल, रीना सिन्हा, गीता देवी, ममता कंधवे, जया सिन्हा, समता देवी, निर्मला सिंह, सरिता गुप्ता, मधुबाला, सुरुचि कुमारी, प्रेमा केडिया, शिवानी कुमारी, प्रदीप सिन्हा सहित काफी संख्या में पतंजलि परिवार के गणमान्य शामिल हुए।
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