प्रहरी संवाददाता/तेनुघाट (बोकारो)। गिरिडीह के लूसियो जंगल में ठेकेदार के मुंशी से जबरन लेवी वसूली मामले में गिरिडीह पुलिस ने 15 लाख का इनामी हार्डकोर नक्सली को गिरफ्तार करने में सफलता पायी है।
गिरिडीह पुलिस ने 15 लाख के इनामी नक्सली और पीरटांड़ थाना इलाके के लेढवा गांव निवासी कृष्णा हांसदा उर्फ सौरभ दा उर्फ अविनाश दा की गिरफ्तारी के पांच दिनों बाद बीते 17 जनवरी की संध्या गिरफ्तारी की पूरी जानकारी दिया।
इसे लेकर 17 जनवरी को गिरिडीह एसपी अमित रेनू, एएसपी गुलशन तिर्की, एसडीपीओ मनोज कुमार, डुमरी सर्किल इंस्पेक्टर परमेश्वर लियांगी और सीआरपीएफ कमांडेंट संतोष कुमार ने प्रेस वार्ता कर इस हार्डकोर नक्सली का खुलासा किया।
एसपी ने बताया की कृष्णा हांसदा नक्सली संगठन के रीजनल कमिटी का सदस्य है और गिरिडीह के पारसनाथ समेत उत्तरी एवं दक्षिणी इलाके में सक्रिय रहा है।
उन्होंने बताया कि गिरफ्तार 60 वर्षीय हार्डकोर नक्सली कृष्णा हांसदा सीसीए सदस्य विवेक उर्फ प्रयाग दा का काफी करीबी माना जाता है। एसपी ने बताया की गिरिडीह के कई थानों के साथ धनबाद में इसके खिलाफ 50 से अधिक नक्सली केस दर्ज है। जिसमे कई सरकारी संपत्ति को उड़ाने समेत हत्या के मामले शामिल है।
खास यह कि हार्डकोर इस नक्सली की गिरफ्तारी के पांच दिनों बाद भले ही गिरिडीह पुलिस इस इसे सामने लेकर आई है। लेकिन पुलिस सूत्रों की माने तो जिस दिन एसडीपीओ मनोज कुमार और डुमरी थाना प्रभारी गोपाल महतो के साथ पुलिस जवानों ने इसे डुमरी थाना इलाके के लुसियो जंगल से दबोचा, उस वक्त भी ये जमुई के एक ही नक्सली कैडर अभिजीत के साथ गिरिडीह के एक ठेकेदार से लेवी के पैसे वसूली के लिए ही लूसियो जंगल पहुंचा था।
पुलिस सूत्रों की माने तो बिहार के जमुई का नक्सली अभिजीत के साथ हार्डकोर नक्सली कृष्णा को लेवी का पैसा देने ठेकेदार का मुंशी पहुंचा था। इतना ही नहीं कृष्णा और उसके साथी नक्सली ने ठेकेदार से दो लाख लेवी वसूल भी चुका था। जिसे इसकी गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने इसके पास से बरामद किया है।
दूसरी तरफ इसका साथी और जमुई का नक्सली अभिजीत फरार होने में सफल रहा। इधर एएसपी गुलशन तिर्की और एसडीपीओ मनोज कुमार को उनके गुप्तचरों ने सटीक सूचना दिया। उधर लुसियों जंगल में पुलिस को आते देख अभिजीत फरार होने में सफल रहा। इन पांच दिनों में पुलिस गिरफ्तार नक्सली की निशानदेही पर पारसनाथ पहाड़ के अलग अलग हिस्सों में छापेमारी कर कई नक्सली साहित्य और वर्दी भी जब्त किया है।
पुलिस सूत्र ने यह भी संकेत दिया है कि जिस ठेकेदार के मुंशी से दो लाख लेवी लेने कृष्णा हांसदा और अभिजीत पहुंचा था। उसे लेने के लिए कृष्णा को उसके आका और सीसीए सदस्य विवेक उर्फ कर्मा ने निर्देश दिया था।
क्योंकि कृष्णा के आका को पांच लाख की जरूरत थी। सीसीए सदस्य विवेक ने ही गिरिडीह के आरईओ में रोड और पुलिया बनाने वाले ठेकेदार से पांच लाख के लेवी का मांग किया था। ठेकेदार भी विवेक को पहले क़िस्त में दो लाख देने के लिए तैयार हो गया।
ठेकेदार के कहने पर लेवी के पैसे लेने कृष्णा और अभिजीत को भेजा गया। जानकार यह भी बता रहे है कि डुमरी के बनासो गांव में आरईओ से बन रहे सड़क निर्माण का कार्य करने वाले गिरिडीह के एक बड़े चर्चित ठेकेदार का काम के बदले में भी इसी कृष्णा हांसदा ने पांच लाख की लेवी वसूल किया था।
कृष्णा को पांच लाख तक मिले भी थे। जबकि एक दूसरे गिरिडीह के ठेकेदार ने जब लेवी देने से इंकार कर दिया तो उसका निर्माण कार्य कृष्णा के इशारे पर नक्सलियों ने रोक दिया। कृष्णा को लेवी देने वालो में गिरिडीह का ही एक और ठेकेदार देव का नाम सामने आया है।
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