अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। सारण जिला के हद मेंसोनपुर स्थित गंगा-गंडक संगम तीर्थ सबलपुर में अग्निगर्भा मही नदी के दक्षिणी तट पर बाबा हरिहरनाथ मंदिर से महज कुछ ही दूरी पर लोकख्याति प्राप्त संकटमोचन हनुमान मंदिर स्थित है। इस मंदिर के सर्वेसर्वा स्वयं अष्ट सिद्धि नव निधि के दाता रुद्रावतार बजरंगबली हनुमान जी हैं।
कहते हैं कि इनके दर्शन मात्र से सभी संकटों का मोचन हो जाता है। सभी विघ्न-बाधाएं दूर हो जाती हैं। धर्म शत्रुओं का क्षय होने लगता है। बस हनुमान जी के समक्ष जय श्रीराम का उद्घोष करते रहिए।
नदी तीर्थ में पूर्णतः एकांत-शांत स्थान पर स्थित इस मंदिर में नित्यदिन पूजा-आरती विधि-विधान के साथ संपन्न होती है। जय हनुमान ज्ञान गुणसागर से सम्पूर्ण वातावरण गुंजायमान रहता है।
सच कहिए तो सारण जिले में संकट मोचन हनुमान जी का इतना बड़ा विशाल मंदिर आसपास में अन्यत्र और कहीं दिखाई नहीं पड़ता। वर्ष 2021 के 19 नवम्बर को कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर मंदिर में संकटमोचन हनुमान जी की प्राण प्रतिष्ठा हुई थी। मंदिर का अपना विशाल प्रांगण है। सभा कक्ष एवं प्रवचन भवन भी है।
प्राण-प्रतिष्ठा अंतर्राष्ट्रीय कथावाचक व वैदिक आचार्यों द्वारा संपन्न की गयी थी
अंतर्राष्ट्रीय कथावाचक आचार्य श्रीकान्त मणि त्रिपाठी के नेतृत्व में आचार्यों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा संपन्न करवाई थी।
प्राण प्रतिष्ठा समारोह 15 से 19 नवम्बर 2021 तक पांच दिनों तक चला था। मन्दिर समिति के अध्यक्ष विनोद सिंह सम्राट, उमेश राय, आलोक सिंह, राणा रणधीर सिंह एवं सुरेश राय यजमान थे। उन्हीं के कर कमलो से पूजा-अर्चना, हवन एवं भगवान का अभिषेक कराया गया था।
इनकी थी मंदिर स्थापना में उपस्थिति
कार्यक्रम में साध्वी लक्ष्मी माता, धर्म जागरण समन्वय के क्षेत्र प्रमुख सूबेदार सिंह, केन्द्रीय राज्य मंत्री अश्वनी चौबे, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय जयसवाल, भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गोपाल नारायण सिंह, भाजपा के क्षेत्र संगठन मंत्री नागेंद्र नाथ, प्रदेश संगठन मंत्री भीखू भाई दलसानिया, प्रदेश उपाध्यक्ष शिव नारायण, संघ के क्षेत्रीय आदि
संगठन मंत्री अविनाश कुमार, हिन्दू जागरण मंच के विनोद यादव, धर्म जागरण के प्रांत संयोजक डॉ अवधेश कुमार, आशुतोष कुमार, यशवंत कुमार, अजय सिंह, राजेश कुमार सिंह, रत्नेश कुमार सिंह, संतोष कुमार, कृषि मंत्री अमरेंद्र एवं वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के मंत्री प्रताप सिंह, मंत्री नीरज कुमार बबलू, क्षेत्र संपर्क प्रमुख अनिल ठाकुर, क्षेत्र सेवा प्रमुख अजय कुमार, कृषि मंत्री अमरेंद्र प्रताप सहित तत्कालीन अनेक मंत्री, राजनेता व साधु-संत उपस्थित थे। इनकी तादाद बहुत अधिक है।
गौरी शंकर की मूर्ति की हुई प्राण प्रतिष्ठा
इसी संकटमोचन मंदिर के प्रांगण में बीते 27 जून को बिहार सांस्कृतिक विकास परिषद एवं धर्म जागरण समन्वय के द्वारा गौरी-शंकर मूर्ति की प्राण- प्रतिष्ठा कार्यक्रम सम्पन्न किया गया। बाबा हरिहरनाथ मंदिर के मुख्य अर्चक आचार्य सुशील चंद्र शास्त्री के नेतृत्व में पंडित राजगृह तिवारी और पंडित निशांत द्विवेदी ने वैदिक मंत्रोचारणों के साथ प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम संपन्न कराया। यजमान के रूप में बिहार की राजधानी पटना के सत्येंद्र सिंह द्वारा विधि पूर्वक कार्य किया गया।
सभी कार्यक्रमों का संचालन धर्म जागरण के क्षेत्र प्रमुख सुबेदार सिंह के नेतृत्व में धर्म जागरण के उत्तर बिहार के प्रांत संयोजक डॉ अवधेश कुमार, दक्षिण बिहार के सह प्रांत संयोजक अरुण कुमार, सारण जिला सह संयोजक राजेश कुमार आदि की देखरेख में संपन्न हुआ।
43 बहनों को दी जा रही सिलाई-कटाई का प्रशिक्षण
संकटमोचन मंदिर प्रांगण में क्षेत्र के 43 बहनों को सिलाई -कटाई का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस तरह यह मंदिर जन सरोकार से भी जुड़ चुका है। इससे पहले कोविड काल में चिकित्सकों द्वारा मरीजों का निःशुल्क जांच, सेनेटाइजर, मास्क वितरण और कई बार स्वास्थ्य शिविर का आयोजन भी किया जा चुका है। यहां धर्मार्थ चिकित्सालय का भी उद्घाटन हो चुका है।
इस प्रांगण में प्रत्येक महीने कोई न कोई धार्मिक कार्यक्रम होते रहता है। सभा के उपरांत आये सभी भक्तगणों को महाप्रसाद (भंडारा) प्रदान किया जाता है।
संघ के उत्तर बिहार का बन चुका है अघोषित मुख्यालय
भले ही उत्तर बिहार का संघ मुख्यालय मुजफ्फरपुर है, पर अघोषित रुप से हरिहरक्षेत्र सोनपुर के सबलपुर स्थित संकटमोचन मंदिर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के धार्मिक संगठनों का मुख्यालय ही है। संकट मोचन मंदिर की स्थापना के पूर्व से लेकर गौरी-शंकर की प्राण प्रतिष्ठा समारोह तक गौर करें तो बिहार के संघ से जुड़े बड़े-से -बड़े पदाधिकारी, धर्माचार्य, बीजेपी के मंत्री, सांसद, विधायक सभी आते रहे हैं और उनका आना लगता रहता है।
247 total views, 1 views today