गंगोत्री प्रसाद सिंह/हाजीपुर (वैशाली)। बिहार का गौरव कहा जानेवाला वैशाली जिला (Vaishali district) मुख्यालय हाजीपुर स्टेशन से महज 500 मीटर पूरब स्थित ऐतिहासिक ग़ांधी आश्रम स्थित वैशाली जिला खादी ग्रामोधोग संघ का भवन, मशीनरी, गोदाम, दुकान सभी जिले के सांसद, विधायक और जनप्रतिनिधियो की उपेक्षा से ध्वस्त हो गया। आज की तिथि में संघ के पास करोड़ो की भूमि के अलावे कुछ नही है।
जानकारी के अनुसार इस ऐतिहासिक ग़ांधी आश्रम की स्थापना महात्मा गांधी द्वारा 7 दिसम्बर 1920 को चंपारण सत्याग्रह में भाग लेने जाते समय किया गया था। जो देश के क्रांतिकारियों के साथ स्वतन्त्रता सेनानियों का गढ़ रहा। इसी आश्रम के बगल में स्थित एक भूमि में खादी ग्रामोधोग की शुरआत किया गया था।
यहां के बने कपड़े देश के कोने कोने में जाता था। संघ का जिले में एक दर्जन से अधिक अपना बिक्री केंद्र था। सैकड़ो लोगों को रोजगार भी मिलता था, लेकिन 10 वर्ष पहले सभी बिक़य केंद्र बन्द हो गए। धीरे धीरे सरकार और संघ के पदाधिकारियों की उदासीनता से सब कुछ बन्द हुआ। आज यह केन्द्र पूरी तरह नष्ट हो गया है।
इसे पुनर्जीववित होने की कोई आशा निकट भविष्य नहीं दिख रहा है।
ज्ञात हो कि स्व रामविलास पासवान हाजीपुर से कई बार सांसद और केंद्र में मंत्री भी रहे।
पिछले 25 वर्षो से हाजीपुर का भाजपा विधायक के अलावा अभी नित्यानन्द राय केंद्र में मंत्री हैं, फिर भी इस ऐतिहासिक गांधी आश्रम का वैशाली जिला खादी ग्रामोधोग ध्वस्त हो गया, और मशीनो के उपर बड़े-बड़े वृक्ष निकल आया है। यह घोर आश्चर्य का विषय है।
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