गंगोत्री प्रसाद सिंह/हाजीपुर (वैशाली)। वैशाली जिले में हुई मानसून की पहली बारिश के बाद जहां रहिवासियों ने भीषण गर्मी से थोड़ी राहत महसूस की वहीं जिला मुख्यालय हाजीपुर की सड़के पानी से सराबोर हो गया। शहर में जिस ओर नजर घुमाया उधर पानी हीं पानी दिखा। मानो पुरा का पुरा हाजीपुर शहर पानी-पानी हो गया हो।
जानकारी के अनुसार 2 जुलाई सुबह से ही मानसून की बूंदाबांदी शुरू हुई और दिन के 11 बजे से 1 घंटे तक मूसलाधार बारिश हुई। इस मूसलाधार बारिश में वैशाली जिला मुख्यालय हाजीपुर शहर का हृदय स्थल राजेंद्र चौक, पोस्ट ऑफिस, सिनेमा रोड तथा अस्पताल रोड में घुटनों से लेकर कहीं-कहीं कमर तक पानी भर गया।
सबसे हास्यास्पद स्थिति समाहरणालय परिसर और मुख्य न्यायाधीश दंडाधिकारी के इजलास के सामने वकालत खाना परिसर में देखा गया, जहां घुटनों भर पानी लग गया। जिस वजह से हाजीपुर शहर में आम जन जीवन थम सा गया।
बताया जाता है कि स्थिति से निबटने को लेकर हाजीपुर नगर परिषद की ओर से शॉकर मशीन, टैंकर समाहरणालय परिसर और अस्पताल परिसर पहुंचकर ट्रैंकरो में भर भर कर जल मलमल्ला चौर में ले जाती रही।
वैसे हाजीपुर शहर में बरसात में जल जमाव की समस्या पहले से भी रही है। यहां शहरीकरण के साथ-साथ आबादी भी बढ़ी, लेकिन जल निकासी की व्यवस्था वही पुरानी रही। मानसून शुरू होने के कुछ दिन पहले नगर परिषद द्वारा शहर से जल निकासी के सभी मार्गों को साफ कराया गया था।
इस कार्य में नगर परिषद की वर्तमान अध्यक्ष संगीता कुमारी स्वयं उपस्थित होकर निगरानी करती रही। आज जैसे ही वर्षा की वजह से पूरे हाजीपुर शहर में जल जमाव देखने को मिली, नप अध्यक्षा संगीता शहर के जल जमाव क्षेत्र का नप कर्मचारियों के साथ स्वयं निरीक्षण किया।
साथ ही उन्होंने निकासी वाले सभी मार्गो पर स्वयं जाकर मुआयना की। पहली बार यह देखने की मिला कि हाजीपुर शहर में वर्षा के बाद जल जमाव होने पर कुछ ही घंटे में पूरे शहर का पानी नहर में जा पहुंचा और किसी भी मार्ग पर जल जमाव देखने को नहीं मिला।
नगर परिषद अध्यक्षा संगीता के साथ में हाजीपुर विधायक अवधेश सिंह, उप सभापति प्रतिनिधि मनोरंजन कुमार पासवान, नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी सुशील कुमार , कनीय अभियंता और सामाजिक कार्यकर्ता अरविंद कुमार कौशल, सतीश जयसवाल सहित नगर परिषद के कर्मचारीगण की सक्रियता काबिले तारीफ रहा।
बताया जाता है कि हाजीपुर में जल जमाव को लेकर वैशाली के जिला पदाधिकारी यशपाल मीणा भी अपने लाव लश्कर के साथ जल जमाव को देखने सड़क पर निकले, लेकिन तब तक शहर में जल जमाव खत्म हो चुका था।
798 total views, 1 views today