महान योद्धा, चिन्तक, कवि, भक्त एवं आध्यात्मिक नेता थे गुरु गोबिंद सिंह-गिरी
प्रहरी संवाददाता/जमशेदपुर (झारखंड)। पश्चिमी सिंहभूम जिला के हद में गुवा स्थित गुरुद्वारा में 29 सितंबर को सिखों के दसवें गुरु गुरु गोविंद सिंह का 356वां प्रकाश उत्सव सिख समुदाय के लोगों ने हर्षोल्लास के साथ मनाया। इस दौरान गुरुद्वारा में गुरु गोविंद सिंह का झंडोत्तोलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर निसान साहब का चोला बदला गया। उसके बाद ग्रंथि दिलबाग सिंह के द्वारा गुरु गोविंद सिंह के जीवनी पर प्रकाश डाला गया तथा भजन कीर्तन किया गया। भजन कीर्तन के बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरण किया। साथ ही सिख समुदाय द्वारा लंगर की व्यवस्था की गई। जिसमें काफी संख्या में श्रद्धालुओं ने लंगर का आनंद उठाया।

इस अवसर पर गुवा सेल के मुख्य महाप्रबंधक विपिन कुमार गिरी (General Manager Vipin Kumar Giri) ने कहा कि गुरु गोबिन्द सिंह सिखों के दसवें गुरु थे। गुरू तेग बहादुर के बलिदान के उपरान्त 11 नवम्बर सन 1675 को वे 10वें गुरू बने। वे एक महान योद्धा, चिन्तक, कवि, भक्त एवं आध्यात्मिक नेता थे।
मौके पर महिला समिति अध्यक्षा स्मिता गिरी, महाप्रबंधक दीपक प्रकाश, गुवा सेल अस्पताल के मुख्य चिकित्सा प्रभारी डॉक्टर सीके मंडल, डॉ एस सरकार, दिलबाग सिंह, जसपाल सिंह, कलविंदर सिंह, इंदरपाल सिंह, कमलजीत सिंह, परमजीत सिंह, निर्मलजीत सिंह, मनप्रीत सिंह सहित सिख समुदाय के गणमान्य मौजूद थे।
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