बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ संस्कार भी दे-विधायक
एन. के. सिंह/फुसरो (बोकारो)। विद्या विकास समिति झारखंड द्वारा संचालित बोकारो जिला के हद में सरस्वती शिशु विद्या मंदिर ढ़ोरी स्टाफ क्वार्टर में दादा- दादी, नाना-नानी सम्मान समारोह सह मातृ सम्मेलन कार्यक्रम का आयोजन 7 अगस्त को किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि बेरमो विधायक कुमार जयमंगल (अनुप सिंह) ने दीप प्रज्वलित कर किया। विद्यालय समिति की ओर से विधायक को शॉल ओढ़ाकर और बुके देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर विधायक सिंह ने कहा कि आज समाज की नई पीढ़ी शिक्षा के साथ अपने देश की संस्कृति को अक्षुण्ण रखने में एक आदर्श स्थापित करें। समाज में बुजुर्गों के प्रति अनिष्ठा और अश्रद्धा का भाव तेजी से पनप रहा है। इस पर चोट करने के लिए विद्या भारती की ओर से ऐसे कई कार्यक्रम किए जाते हैं।
बच्चों में इसकी समझ विकसित करने के लिए अभिभावकों को अच्छा आचरण प्रस्तुत करना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिशु मंदिर ही केवल एक ऐसा विद्यालय है, जहां शिक्षा के साथ-साथ संस्कार भी देने की परंपरा है।
अतः हमें अपने बच्चों को शिशु मंदिर में ही पढ़ाना चाहिए। उन्होंने कहा कि दादा-दादी, नाना-नानी परिवार के स्तंभ होते हैं। आज के समाज की युवा पीढ़ी उनके अनुभव से लाभान्वित हों। बुजुर्ग वटवृक्ष की जड़ें जैसे हैं। इनको संजो कर रखना और आदर करना होगा, तभी समाज में परिवर्तन आएगा।
कार्यक्रम में धनबाद जिला विभाग प्रमुख विवेक नयन पांडेय ने कहा कि शिशु मंदिर ने दादा-दादी, नाना-नानी को सम्मानित करने की परंपरा को जीवंत रखा है। यह हमारी संस्कृति की विरासत है, जो आज भी जीवित है।
इस अवसर पर बेरमो प्रखंड कांग्रेस अध्यक्ष छेदी नोनिया, संकुल संयोजक अमित कुमार सिंह, अघ्यक्ष ओमशंकर सिंह, सचिव सुमित कुमार बंसल, सह सचिव अर्चना सिंह, बीडीए कॉलेज के पूर्व प्राचार्य रविंद्र कुमार सिंह, विधालय प्राचार्य परमानन्द कुमार सिंह, आदि।
भाजपा नेता दिनेश सिंह और भाई प्रमोद सिंह, प्राचार्य इंद्रावती मिश्रा, लक्ष्मण ठाकुर, कमलजीत सिंह, पंकज मिश्रा, जयप्रकाश चौधरी सहित विद्यालय समिति के सदस्य रोहित मित्तल, शंकर गोयल, रवि सिंह, उमेश नायडू, मिथिलेश तिवारी, लक्ष्मण सिंह आदि मुख्य रूप से उपस्थित थे।
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