प्रहरी संवाददाता/तेनुघाट (बोकारो)। शिक्षा के क्षेत्र में अपनी अनूठी पहचान बनाने के साथ-साथ छात्रों के सर्वांगीण विकास हेतु संकल्पित शिक्षा का व्यावहारिक उपयोग करके सीखने के उद्देश्य से बोकारो जिला के हद में तेनुघाट स्थित डीएवी पब्लिक स्कूल में 11 दिसंबर को विज्ञान-प्रदर्शनी का आयोजन किया गया।
जिसमें बड़ी संख्या में विद्यालय के छात्र-छात्रा उत्साहपूर्वक भाग लिए। विद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में अनुमंडल पदाधिकारी बेरमो मुकेश मछुवा एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में अनुमंडलीय न्यायिक दंडाधिकारी, तेनुघाट व्यवहार न्यायालय रश्मि अग्रवाल, डीएवी झारखंड जोन-आई के सहायक क्षेत्रीय निदेशक डॉ जी. एन. ख़ान एवं डीएवी स्वांग के प्राचार्या डी. बनर्जी, बीआरएल डीएवी भंडारीदह के प्राचार्य आर. के. सिंह, डीएवी ललपनिया के प्राचार्य तन्मय बनर्जी, तेनुघाट पंचायत की मुखिया नीलम श्रीवास्तव, तेनुघाट ओपी प्रभारी भजन लाल महतो सहित सैकड़ों की संख्या में सम्मानित अभिभावक उपस्थित हुए।
इस अवसर पर विद्यालय के बच्चों द्वारा अतिथियो का तिलक लगाकर स्वागत किया गया। वहीं प्राचार्या स्तुति सिन्हा ने आए अतिथियों को पुष्प गुच्छ भेंट की। तत्पश्चात् डीएवी परंपरा का पालन करते हुए मुख्य अतिथि एसडीओ बेरमो मुकेश मछुवा, विशिष्ट अतिथि एसडीजेएम रश्मि अग्रवाल, डीएवी झारखंड जोन आई के सहायक क्षेत्रीय निदेशक डॉ जी. एन. खान आदि द्वारा दीप प्रज्ज्वलित किया गया। इस अवसर पर सामूहिक रूप से डीएवी गान प्रस्तुत किया गया।
तदुपरांत कार्यक्रम की शुरुआत की गयी। इस अवसर पर विद्यालय के मंच पर छात्र-छात्राओं द्वारा कई सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें बच्चों द्वारा नृत्य एवं भगवान बिरसा मुंडा के जीवन से जुड़े एक लघु नाटक की प्रस्तुति शामिल है। विज्ञान प्रदर्शनी का मुख्य अतिथि तथा विशिष्ट अतिथि द्वारा फीता काट कर शुभारंभ किया गया। जिसमें विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान, हिन्दी, संस्कृत, अंग्रेजी एवं चित्रकला जैसे विषयों में छात्रों द्वारा उत्कृष्ट मॉडल बनाकर दर्शाया गया, जिसे देखकर अतिथिगण मंत्रमुग्ध हो गये।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि एसडीओ बेरमो मुकेश मछुवा ने कहा कि छात्र-छात्राएँ उत्कृष्ट शिक्षा प्राप्त कर आगे बढ़े एवं विद्यालय का नाम रोशन करें। विशिष्ट अतिथि डॉ जी एन खान ने कहा कि विद्यार्थियों के पठन-पाठन में अभिभावक का बहुत बड़ा योगदान होता है। कहा कि डीएवी शिक्षण-संस्थान अपनी उत्कृष्ट प्रतिभा के लिए जाना जाता है।
उन्होंने कहा कि डीएवी संस्थान ने वर्ष 1886 से अपने स्थापना काल से अबतक हजारों हजार उत्कृष्ट व्यक्तित्व तैयार कर देश को दिए है, जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दी है और दे भी रहे है। उन्होंने कहा कि डीएवी से पढ़ाई कर जहां देश के पुर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेई, डॉ मनमोहन सिंह, क्रिकेटर कपिलदेव, चेतन चौहान, सीने स्टार शाहरुख़ खान सरीखे राजनीतिज्ञ व् खिलाड़ी दिए है, जबकि देश के उच्च वैज्ञानिक संस्थान इसरो, बीएआरसी में आज भी यहां से शिक्षा ग्रहण करनेवाले विशिष्ट पदों पर कार्यरत है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 1886 में जिस महात्मा हंसराज ने डीएवी नामक बट वृक्ष का बीजारोपण किया था वह आज बहुत बड़ा वृक्ष बनकर देश को अपनी उत्कृष्ट शिक्षा से पल्लवीत कर रही है। उन्होंने कहा कि डीएवी केवल बच्चों को शिक्षा हीं नहीं बल्कि उनमें संस्कार व् संस्कृति के साथ वैज्ञानिक सोंच को भी विकसित करने का कार्य कर रही है।
आयोजित विज्ञान प्रदर्शनी को संबोधित करते हुए एसडीजेएम रश्मि अग्रवाल ने डीएवी द्वारा आयोजित इस प्रकार के आयोजनों की सराहना करते हुए कहा कि जब भी उन्हें बुलाया जायेगा वे यहां जरुर आएगी। उन्होंने विद्यालय परिवार को उक्त कार्यक्रम को लेकर साधुवाद दिया।
इस अवसर पर प्राचार्या स्तुति सिन्हा ने आए हुए अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें स्मृति चिह्न एवं शॉल भेंट की। कार्यक्रम का संचालन विद्यालय के अंग्रेज़ी शिक्षक संदीप कुमार द्वारा किया गया तथा कार्यक्रम के समापन पर प्राचार्या ने उपस्थित तमाम गणमान्य जनों के प्रति आभार व्यक्त किया।
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