पच्चीस वर्ष बाद फिर गूँजी मित्रता की आवाज़, स्पंदन में जीवंत हुआ बैच-2001
रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। समय के साथ पद, पेशा, जिम्मेदारियाँ और दिनचर्या बदल जाती हैं, लेकिन सच्ची मित्रता समय की सीमाओं से परे होती है। बोकारो के +2 उच्च विद्यालय, सेक्टर बारह के बैच-2001 ने इस बात को दो दिवसीय पुनर्मिलन समारोह स्पंदन: साथ होने की अनुगूंज के माध्यम से साकार कर दिखाया।
लगभग 25 वर्ष बाद मिले पूर्व छात्र-छात्राओं ने एक-दूसरे से मिलकर न केवल पुरानी यादें ताज़ा कीं, बल्कि अपने स्कूल जीवन के सुनहरे पलों को भी फिर से जिया। पहले दिन अनौपचारिक माहौल में परिचय सत्र, स्मृतियों पर आधारित खेल, संगीत, गायन और नृत्य कार्यक्रम आयोजित किए गए। पुराने किस्सों, हल्के हास्य और भावनात्मक क्षणों ने समारोह को बेहद आत्मीय बना दिया।
दूसरे दिन 29 दिसंबर को विद्यालय परिसर में अनुशासित एवं सुव्यवस्थित कार्यक्रम आयोजित किया गया। पूर्ववर्ती विद्यार्थियों ने अपने पुराने कक्षा-कक्षों, गलियारों और प्रांगण का भ्रमण कर बीते दिनों की यादों को फिर से महसूस किया। सामूहिक भोजन, जलपान और सामूहिक फोटोग्राफी ने इस पुनर्मिलन को स्मरणीय बना दिया।
पुनर्मिलन कार्यक्रम के सफल संचालन एवं मंच संचालन में श्रीदीपा एवं बुलबुल का विशेष योगदान रहा। उनकी सशक्त एंकरिंग, सहज संवाद और भावनात्मक जुड़ाव ने कार्यक्रम को गरिमा और सुंदर लय प्रदान की, जिसकी सभी सहभागियों ने सराहना की। यह स्पंदन कार्यक्रम केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि उस मित्रता की गूँज था, जो 25 वर्षों बाद भी उतनी ही सजीव और मजबूत बनी हुई है।
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