एस. पी. सक्सेना/समस्तीपुर (बिहार)। हड़ताली आंगनबाड़ी सेविका, सहायिका पर कार्रवाई करने के बदले उनके दुःख दर्द को दूर करने के लिए सरकार को उनसे बात करना चाहिए।
आंगनबाड़ी सेविका, सहायिका को 25 हजार रूपये मानदेय देने, राज्यकर्मी का दर्जा देने समेत अन्य मांगों को लेकर आंगनबाड़ी सेविका- सहायिका के हड़ताल को जायज बताते हुए व्यक्तिगत तौर पर उन पर की जा रही कानूनी कार्रवाई पर रोक लगाने एवं उनसे वार्ता करने की अपील बिहार राज्य आंगनबाड़ी वर्कर्स यूनियन से जुड़ी सह महिला संगठन ऐपवा के समस्तीपुर जिलाध्यक्ष बंदना सिंह ने सरकार से की है।
उन्होंने 14 नवंबर को इस आशय से संबंधित प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि आंगनबाड़ी सेविका, सहायिका की हड़ताल सामूहिक है तो उनके उपर व्यक्तिगत तौर पर कार्रवाई क्यों की जा रही है। उन्होंने कहा कि कार्रवाई समस्या का हल नहीं है। उन्होंने सभी निलंबित सेविका- सहायिकाओं का निलंबन वापस लेने की भी मांग की है।
महिला नेत्री सिंह ने आंगनबाड़ी वर्कर्स के आंदोलन को जायज ठहराते हुए उनकी मांग को पूरा करने, निलंबित सेविका- सहायिका का निलंबन वापस लेने अन्यथा संघर्ष तेज करने की चेतावनी दी है।
154 total views, 1 views today