प्रहरी संवाददाता/तेनुघाट (बोकारो)। कृषि विपणन शुल्क यानी कृषि टैक्स वृद्धि के विरोध में चैंबर ऑफ कॉमर्स के आह्वान पर एक ओर जहां खाद्यान्न और फुटपाती सब्जी दुकान बंद रहें।
वहीं चैंबर ऑफ कॉमस निर्मल झुनझुनवाला, प्रदीप अग्रवाल के नेतृत्व में राकेश मोदी, बंटी जैन सहित कई पदाधिकारियों व सदस्यों ने 15 फरवरी को प्रदर्शन करते हुए गिरिडीह के टावर चौक पहुंचकर झारखंड के कृषि मंत्री बादल पत्रलेख का पुतला दहन किया।
इस दौरान हेमंत सरकार और कृषि मंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसे लेकर 15 फरवरी को गिरिडीह शहर के कारोबारियों ने अपनी दुकानों को पूरी तरह से बंद रखा।
इतना ही नही किसी थोक व्यापारी ने बाहर से आयात किए खाधान्न के स्टॉक गेंहू, चावल, आलू समेत कई समानों को दुकान में उतारा तक नही। इसका परिणाम हुआ यह कि थोक व्यापारी के अगले कुछ दिनों के हड़ताल के आह्वान के कारण खुदरा कारोबारी भी जरूरत के सामान नही खरीद पाए। समानों की खरीदारी करने थोक व्यापारी के पास आए खुदरा कारोबारी वापस लौटते दिखे।
प्रदर्शन के दौरान फेडरेशन चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रदेश उपाध्यक्ष सह कारोबारी प्रदीप अग्रवाल ने हेमंत सरकार और कृषि मंत्री को लेकर कहा की अब हालात ऐसे हो चुके है कि अधिकारियो द्वारा जो उल्टा पुल्टा सुझाव सरकार और उनके मंत्रियों को दिया जाता है।
वो तुरंत मान लेते है। इसका परिणाम है कि हेमंत सरकार द्वारा विधानसभा में पारित कराया गया कृषि टैक्स, जिसका खामियाजा सिर्फ एक दुकानदार नही, बल्कि हर कारोबारी को भुगतना होगा।
चैंबर ऑफ कॉमर्स के सचिव निर्मल झुनझुनवाला ने हेमंत सरकार को लंगड़ी सरकार बताते हुए कहा कि यह सरकार बैसाखी पर चल रही है। जब राज्य के कारोबारियों ने जानकारी दिया था की कृषि टैक्स लागू किया जाता है तो हर जिले में एक इंस्पेक्टर की नियुक्ति होगी।
जो कारोबारियों से टैक्स वसूलेगा और वो भी टैक्स के साथ कारोबारियों का शोषण करेगा। ये किसी कारोबारी के लिए उचित नही। सचिव ने कहा कि जब तक यह व्यवस्था हट नही जाती है तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
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