प्रहरी संवाददाता/तेनुघाट (बोकारो)। गिरिडीह जिला मारवाड़ी सम्मेलन ने जिले के प्रथम आईएएस एवं प्रथम आईआईटीयन के के खंडेलवाल को सेवानिवृत्ति के बाद गिरिडीह आगमन पर 31 दिसंबर को सम्मानित किया।
श्याम सेवा समिति प्रांगण में आयोजित समारोह में बड़ी संख्या में समाज बंधु बांधव शामिल हुए। इस अवसर पर खंडेलवाल को सम्मेलन के अध्यक्ष सरवन केडिया ने शॉल ओढ़ाकर, मंडल उपाध्यक्ष अशोक पांडेय ने पुष्प गुच्छ देकर एवं शहर के प्रसिद्ध उद्योगपति संतोष सरावगी ने श्रीमद्भागवत गीता प्रदान कर सम्मानित किया।
गिरिडीह निवासी के के खंडेलवाल इसी वर्ष झारखंड के अवर मुख्य सचिव पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। इस मौके पर गिरिडीह जिला मारवाड़ी सम्मेलन के अध्यक्ष श्रवण केडिया, सचिव दिनेश खेतान और कोषाध्यक्ष विकास खेतान ने खंडेलवाल के योगदान को बहुमूल्य बताया। खंडेलवाल ने इस सम्मान के लिए गिरिडीह के नागरिकों के प्रति आभार प्रकट करते हुए अपने अनुभव शेयर किए।
उन्होंने बताया कि गिरिडीह कॉलेज में पढ़ाई करते हुए किस तरह आइआइटी जेईई 1981 में ऑल इंडिया 52वां रैंक लाकर खड़गपुर आइआइटी से इंजीनियरिंग की। फिर ऑल इंडिया स्तर पर 8वां रैंक लेकर आइएएस बने। उन्होंने बताया कि किस तरह अपने दोनों सुपुत्रों अंकुर एवं अनुपम और एक भांजे अनिकेत को भी स्वयं पढ़ाकर अच्छे रैंक में सफलता दिलाई।

इस दौरान खंडेलवाल ने आईआईटी में इंजीनियरिंग पढ़ने के महत्व की चर्चा करते हुए इसमें प्रवेश संबंधी तैयारी की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आठवीं, नवीं और दसवीं कक्षा में ही बच्चों को आईआईटी की तैयारी की बुनियादी शिक्षा मिलना जरूरी है। इसके लिए खंडेलवाल ने रांची में संस्थान की स्थापना भी की है।
गिरिडीह जिला मारवाड़ी सम्मेलन के अध्यक्ष श्रवण केडिया ने कहा कि केके खंडेलवाल तथा उनके दोनों सुपुत्रों ने गिरिडीह जिले का मान बढ़ाया है। सम्मेलन के अन्य सदस्यों ने खंडेलवाल के दीर्घायु होने तथा रांची में प्रारंभ खंडेलवाल क्लासेस की सफलता की शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम का संचालन सतीश केडिया और धन्यवाद ज्ञापन सरवन केडिया ने किया।
इस अवसर पर मुख्य रूप से डॉक्टर सज्जन डोकानिया, संजय बुधौलिया, अनिल अग्रवाल, अमित जालान, प्रभात खेतान, सुनील खंडेलवाल, रामअवतार खंडेलवाल, अनिल खंडेलवाल, सुनील खंडेलवाल, प्रदीप डोकानिया, अरुण लाडिया, प्रदीप डालमिया, प्रदीप अग्रवाल, प्रदीप जैन सहित बड़ी संख्या में समाज बंधु बाँधव उपस्थित थे।
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