रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। भारत में बाल विवाह की दर में बेतहाशा गिरावट दर्ज की गई है। जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन (जेआरसी) की ओर से जारी शोध रिपोर्ट, ‘टिपिंग प्वाइंट टू जीरो : एविडेंस टूवार्ड्स ए चाइल्ड मैरेज फ्री इंडिया’ के अनुसार देश में लड़कियों के बाल विवाह की दर में 69 प्रतिशत की गिरावट आई है, जबकि लड़कों में इस दर में 72 प्रतिशत की कमी आई है। उक्त जानकारी गैर सरकारी संस्था सहयोगिनी के निदेशक गौतम सागर ने 27 सितंबर को एक भेंट में दी।
उन्होंने बताया कि रिपोर्ट के अनुसार बाल विवाह की रोकथाम के लिए गिरफ्तारियां व एफआईआर जैसे कानूनी उपाय सबसे प्रभावी साबित हुए हैं। रिपोर्ट बताती है कि लड़कियों की बाल विवाह की दर में सबसे ज्यादा 84 प्रतिशत गिरावट असम में दर्ज की गई है। इसके बाद संयुक्त रूप से महाराष्ट्र व बिहार (70 प्रतिशत) का स्थान है, जबकि राजस्थान व कर्नाटक में क्रम से 66 और 55 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।
झारखंड के बोकारो में बाल अधिकारों के संरक्षण के लिए काम कर रहे जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के सहयोगी संगठन सहयोगिनी ने जिला प्रशासन, पंचायतों और सामुदायिक सदस्यों के साथ बेहद करीबी समन्वय से काम करते हुए पिछले तीन वर्षों में जिले में 612 बाल विवाह रुकवाए हैं। इस रिपोर्ट को जेआरसी के सहयोगी संगठन इंडिया चाइल्ड प्रोटेक्शन की पहल पर सेंटर फॉर लीगल एक्शन एंड बिहैवियरल चेंज फॉर चिल्ड्रेन (सी-लैब) ने तैयार किया है।
बाल अधिकारों की सुरक्षा व संरक्षण के लिए जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन (जेआरसी) 250 से भी ज्यादा नागरिक समाज संगठनों का देश का सबसे बड़ा नेटवर्क है। यह बाल अधिकारों की सुरक्षा के लिए देश के 451 जिलों में काम कर रहा है।
इस रिपोर्ट के नतीजों से उत्साहित सहयोगिनी के निदेशक गौतम सागर ने कहा कि, बाल विवाह के खात्मे के लिए अपने जिले में हम अग्रिम मोर्चे पर हैं और सरकार, प्रशासन व समुदायों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।
हमारा हर कदम उस भविष्य की ओर ले जाता है, जहां हर बच्चे को पढ़ने की सुविधा मिले और वह बड़ा होकर वो बने जो वो बनना चाहता है। यह रिपोर्ट इस बात पर मुहर लगाती है कि शिक्षा, जागरूकता व कानूनी हस्तक्षेप वर्ष 2030 तक बाल विवाह के खात्मे के लिए सबसे कारगर औजार है।
रिपोर्ट इस तथ्य को उजागर करती है कि वर्ष 2024 में शुरू हुए भारत सरकार के बाल विवाह मुक्त भारत अभियान को जन-जन तक पहुंचाने में गैर सरकारी संगठनों की सबसे अहम भूमिका रही है। रिपोर्ट बताती है कि सर्वे में शामिल सभी राज्यों के 31 प्रतिशत गांवों में 6-18 आयु वर्ग की सभी लड़कियां स्कूल जा रही थीं, लेकिन इसमें खासी विषमताएं देखने को मिलीं। महाराष्ट्र के 51 प्रतिशत गांवों में सभी लड़कियां स्कूल में थीं जबकि बिहार में सिर्फ 9 प्रतिशत गांवों में सभी लड़कियां स्कूल में थीं।
सर्वे में शामिल रहजवासियों ने गरीबी (88 प्रतिशत), बुनियादी ढांचे की कमी (47 प्रतिशत), सुरक्षा (42 प्रतिशत) और परिवहन के साधनों की कमी (24 प्रतिशत) को लड़कियों की शिक्षा में सबसे बड़ी रुकावट बताया। इसी तरह 91 प्रतिशत रहिवासियों ने गरीबी और 44 प्रतिशत ने सुरक्षा को बाल विवाह के पीछे सबसे बड़ा कारण बताया।
रिपोर्ट की मुख्य सिफारिशों में कहा गया है कि यदि बाल विवाह को वर्ष 2030 तक पूरी तरह खत्म करना है तो कानून का कड़ाई से पालन, बेहतर रिपोर्टिंग व्यवस्था, विवाह का अनिवार्य पंजीकरण और बाल विवाह मुक्त भारत पोर्टल के बारे में गांव-गांव तक आमजनों में जागरूकता का प्रसार जरूरी है। साथ ही रिपोर्ट ने बाल विवाह मुक्त भारत के सपने को जल्द साकार करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर एक दिन निर्धारित करने की सिफारिश भी की है।
यह रिपोर्ट देश के पांच राज्यों के 757 गांवों से जुटाए गए आंकड़ों पर आधारित है। सर्वे के लिए उपरोक्त सभी राज्यों व गांवों का इस तरह क्षेत्रवार तरीके से चयन किया गया कि वे देश के विविधता भरे सामाजिक-सांस्कृतिक संदर्भों को परिलक्षित कर सकें। बहुचरणीय स्तरीकृत सांयोगिक नमूना (मल्टीस्टेज स्ट्रैटिफाइड रेंडम सेंपलिंग) पद्धति पर आधारित इस सर्वे में गांवों के आंकड़े जुटाने के लिए सबसे पहले आशा, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, स्कूल शिक्षकों, सहायक नर्सों, दाइयों और पंचायत सदस्यों जैसे अग्रिम पंक्ति के लोगों से ग्राम स्तर पर आंकड़े जुटाने के लिए संपर्क किया गया।
इस अभियान में सहयोगिनी बोकारो के रवि कुमार राय, सोनी कुमारी, सूर्यमणि देवी, कुमारी किरण, अनिकेत कुमार, विकास कुमार, अनिल कुमार हेंब्रम आदि सक्रिय रूप से जिले में सक्रिय हैं।
जिला स्तरीय कला मूर्तिकार प्रतियोगिता में कसमार के छात्र ने पाया पहला स्थान
प्रतिभा कभी अवसर की मोहताज नहीं होती, इसका उदाहरण बोकारो जिला के हद में कसमार स्थित पीएमश्री उच्च विद्यालय के छात्र आर्यन कुमार ने प्रस्तुत किया है। पीएमश्री उच्च विद्यालय कसमार के छात्र आर्यन ने जिला स्तरीय कला मूर्तिकार प्रतियोगिता में प्रथम स्थान हासिल कर विद्यालय एवं क्षेत्र का नाम रोशन किया है। जानकारी के अनुसार प्रतियोगिता में जिलेभर के विद्यालयों के दर्जनों प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच कसमार पीएमश्री उच्च विद्यालय के छात्र आर्यन ने अपनी कलात्मकता और सृजनशीलता से निर्णायकों को प्रभावित किया। विद्यालय परिवार ने इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए छात्र को बधाई दी और उज्ज्वल भविष्य की कामना की। विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने कहा कि यह उपलब्धि पूरे विद्यालय एवं क्षेत्र के लिए गौरव की बात है।
![]()













Leave a Reply