गौशाला न्यास समिति चुनाव का होगा बहिष्कार, जायेंगे न्यायालय-पूर्व सचिव

एस. पी. सक्सेना/रांची (झारखंड)। झारखंड की राजधानी रांची स्थित महाराजा अग्रसेन भवन मे 26 फरवरी को आयोजित एक प्रेस वार्ता मे गौशाला न्यास समिति रांची के पूर्व सचिव ज्योति बजाज एवं ललित कुमार पोद्दार ने संयुक्त रूप से चुनाव वहिष्कार की बात कही।

पूर्व सचिव बजाज तथा पोद्दार ने बताया कि रांची गौशाला न्यास समिति रांची की सबसे पुरानी संस्था है एवं गौ वंश के संवर्धन का कार्य कर रही है। कहा गया कि पिछले कुछ वर्षों से संस्था में राजनीति हो रहा है, जिससे सेवा की भावना में कमी एवं अपने स्वार्थ के लिए कार्य शुरू हो गया है।

बताया गया कि हमारे बड़े बुजुर्गों ने पूरे समाज को एक परिवार के रूप में जोड़ते हुए कई संस्थाओं का बीजारोपण किया तथा एक बट वृक्ष के रूप में स्थापित किया था। समाज के हर वर्ग को इसमें जोड़ने की कोशिश की गई है। इसी भावना से जुड़कर समाज के विभिन्न वर्गों द्वारा तन-मन-धन से सेवा की भावना को रखते हुए इस संस्था से जुड़ना चाहते हैं, किंतु ट्रस्ट के कुछ तथाकथित ने इसे अपनी जागीर समझ लिया है। वैसे तत्व अपना आधिपत्य जमाए रखना चाहते हैं।

प्रेस वार्ता में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2019-20 के दौरान तत्कालीन सचिव के पास लगभग 135 जनों ने आजीवन सदस्यता हेतु आवेदन शुल्क के साथ आवेदन फार्म जमा किया था। ट्रस्ट बोर्ड ने बैठक कर सभी आवेदनों को स्वीकृति भी प्रदान कर अपने कोषाध्यक्ष के माध्यम से सभी की आजीवन सदस्यता की रसीद काटकर सदस्यों को भेज दिया था। उन्हें सदस्य नंबर भी प्रदान कर दिए गए।

इसके बाद 2021 में समिति के नए चुनाव कराए जा रहे थे। तब इन नए सदस्यों को मताधिकार नहीं दिया गया। कहा गया कि आमसभा मे अपनी बात रखने आए सभी नए सदस्यों को सदस्य नहीं होने की बात कह कर सभा से निकाल दिया गया, जिससे समाज सौ से अधिक गणमान्य आहत है। उस समय नए सदस्यों ने पदाधिकारी को लीगल नोटिस भी दिया और सदर अनुमंडल पदाधिकारी, रांची को लिखित में शिकायत भी दर्ज कराई, परंतु कोई कार्रवाई नहीं हुआ।

कहा गया कि इस वर्ष पुनः बीते 4 फरवरी को सत्र 2023- 26 के चुनाव घोषित किए गए। जब वोटर लिस्ट जारी की गई तो उसमें भी इन 135 का सदस्य के रूप में नाम नहीं था। बल्कि 50 अघोषित को नए सदस्य बनाकर उनका नाम इस लिस्ट में शामिल किया गया है।

इस संबंध में पुनः पीड़ित पक्ष क्षेत्र के समाजसेवियों के साथ सदर अनुमंडल पदाधिकारी रांची उत्कर्ष गुप्ता के पास अपनी शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने चैयरमेन रतन लाल जालान को मामला सुलझाने को कहा, तत्पश्चात ट्रस्ट बोर्ड एवं समाजसेवियो के साथ वार्ता हुई और निर्णय हुआ कि तत्काल चुनाव स्थगित कर दिया जाता है।

आगे इस मामले पर बैठकर सर्वसम्मति से निर्णय लेंगे। लेकिन बिना कोई निर्णय लिए पुनः 28 फरवरी को स्थगित चुनाव को पुनः गौशाला परिसर के बाहर मोराबादी स्थित मान्या पैलेस में कराने की घोषणा की कर दी गयक, जो सरासर गलत है। इस संबंध में पीड़ित पक्ष द्वारा अपने न्याय एवं हक के लिए रांची व्यवहार न्यायालय के शरण में जाने का निर्णय लिया गया है। न्यायालय मे वाद पत्र दाखिल किया जा रहा है।

बताया गया कि गौशाला न्यास समिति में हो रहे अनियमितताओं, धांधली के कारण दोनों चुनाव नहीं लड़ेंगे एवं पीड़ित पक्ष को न्याय नहीं देने के विरोध में 28 फरवरी को होने वाले चुनाव का बहिष्कार किया जाएगा।

सभी सदस्यों से आग्रह किया गया कि न्यास समिति, वर्तमान पदाधिकारी एवं ट्रस्टी के मनमाने निर्णय के विरोध में चुनाव का बहिष्कार करने की अपील की गयी। प्रेस वार्ता में गौशाला न्यास समिति द्वारा बाढ़ू, बुकरू की जमीन सहित कई इसके संबंधित अनियमितताओं की भी विस्तृत जानकारी दी गयी।

मौके पर सुरेश चंद्र अग्रवाल, विनोद कुमार जैन, बेनी प्रसाद अग्रवाल, निरंजन सर्राफ, पवन पोद्दार, कौशल राजगढ़िया, पवन शर्मा, संजय सर्राफ, निर्भय शंकर हारित, अमित बजाज, विनीत जालान, अमित मुनका सहित बड़ी संख्या में गणमान्य उपस्थित थे।

 136 total views,  1 views today

You May Also Like

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *