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डॉ.बाबासाहेब आंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस पर मुफ्त टूर का आयोजन

मार्गदर्शन व अल्पाहार के साथ ‘पहले आएं, पहले पाएं’, की तर्ज पर मुफ्त सेवा

कार्यालय संवाददाता/मुंबई। संविधान निर्माता और मानवाधिकारों के पक्षधर, भारतरत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर , के महापरिनिर्वाण दिवस के मद्देनजर महाराष्ट्र सरकार के पर्यटन विभाग के निदेशालय द्वारा आगामी 4, 5 और 6 दिसंबर को डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर टूर सर्किट का आयोजन किया गया है। मुंबई के दादर स्थित चैत्यभूमि आनेवाले पर्यटकों व अनुयायियों के लिए यह टूर सर्किट पूरी तरह से निशुल्क रहेगा। उनके प्रेरणादायी कार्यों के साथ ही जीवनयात्रा और उनके महान विचारों को पयर्टकों सहित नई पीढ़ी तक पहुंचाना, इस टूर का मुख्य उद्देश्य है। इस टूर सर्किट का शुभारंभ आगामी 3 दिसबंर की सुबह 9:30 बजे वीर सावरकर राष्ट्रीय स्मारक के सामने गणपति मंदिर, शिवाजी पार्क से होगी। इस टूर सर्किट की शुरूवात चैत्यभूमि, दादर, मुंबई से सुबह 9:30 बजे होगी और चैत्यभूमि दादर पर इस यात्रा का समापन होगा।

मिली जानकारी के अनुसार टूर का शुभारंभ मुंबई के दादर स्थित चैत्यभूमि, राजगृह, डॉ बाबासाहेब आंबेडकर इकोनॉमिक्स व कॉमर्स महाविद्यालय, वडाला, डॉ बाबा साहेब आंबेडकर भवन, परेल की बीआइटी चाल, सिद्धार्थ महाविद्यालय और फोर्ट जैसे महत्वपूर्ण स्थलों को शामिल किया गया है। इस टूर सर्किट के माध्यम से डॉ बाबासाहेब आंबेडकर के पदस्पर्श से पवित्र हुए स्थल और प्रेरणादायी जीवन यात्रा, सामाजिक समानता, शिक्षण और संविधान निर्माण में उनके द्वारा दिए गए महत्वपूर्ण योगदान की जानकारी सामान्य नागरिक व पर्यटकों तक पहुंचाने का प्रयास महाराष्ट्र शासन द्वारा किया जा रहा है। टूर के दौरान पर्यटकों व अनुयायियों के लिए रोजाना 3 बसें चलाई जाएंगी। इस सुविधा का लाभ ‘पहले आएं, पहले पाएं’, इस आधार पर ले सकते हैं। इस यात्रा में शामिल सभी के लिए निशुल्क यात्रा, सही मार्गदर्शन व अल्पाहार आदि की सुविधा निदेशालय की तरफ से दी जाएगी।

महाराष्ट्र के पर्यटन मंत्री शंभुराज देसाईके अनुसार “डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर टूर सर्कीट केवल एक पर्यटन परियोजना नहीं है, बल्कि भारत के लोकतांत्रिक इतिहास के उत्कृष्ट व श्रेष्ठ शिल्पकार को सच्ची आदरांजली है। इस परिपथ के माध्यम से आने वाली पीढ़ियों को उनके संघर्ष, विचारधारा और सामाजिक न्याय के आंदोलन को निकट से समझने का अवसर मिलेगा। महाराष्ट्र पर्यटन संचालनालय द्वारा आरंभ की गई यह पहल इतिहास, संस्कृति और परिवर्तन के आदर्शों को जोड़ने वाला प्रेरणादायी प्रयास है। यह परिपथ पर्यटकों को बाबासाहेब से जुड़े महत्वपूर्ण स्थलों तक लेकर जाएगा और समानता, स्वतंत्रता और मानव सम्मान के मूल्यों को समझने का अवसर प्रदान करेगा। यह केवल यात्रा नहीं, बल्कि चिंतन और प्रेरणा का मार्ग है।”

Tegs: #Free-tour-organized-on-mahaparinirvan-day-of-dr-babasaheb-ambedkar

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