चार माह पूर्व परिवार से बिछड़े युवक को परिवार से मिलवाया

अमलो के रेलवे रैक में 15 अप्रैल को मिला था बिट्टू

एन. के. सिंह/फुसरो (बोकारो)। बोकारो जिला (Bokaro district) के हद में सीसीएल ढोरी क्षेत्र (CCL Dhori Area) के अमलो परियोजना के रेलवे साइडिंग में विगत 15 अप्रैल को मानसिक रूप से विक्षिप्त युवक बिट्टू घोष रेलवे रैक में मिला था।

जिस के परिजन का पता चल गया। उसके मामा रतन घोष उसे केंद्रीय अस्पताल ढोरी से अपने घर गंजीपुर, थाना रघुनाथ गंज, मुर्शिदाबाद, पश्चिम बंगाल ले गए। उसने बिट्टू घोष, अपना तथा उसके माता-पिता का आधार कार्ड के द्वारा बिट्टू के अपने मामा होने को सत्यापित किया।

जानकारी के अनुसार बिट्टू ने भी अपने मामा की पहचान करते हुए बताया कि यह उसके मामा है। उसे बेरमो थाना (Bermo Police station) के अवर निरीक्षक आरके गुप्ता तथा प्रेम कुमार सहित केंद्रीय अस्पताल ढोरी के इंचार्ज सुरेश सिंह, अस्पताल के सीएमओ डॉ अरविंद कुमार, क्षेत्रीय सुरक्षा प्रभारी उमाशंकर महतो की उपस्थिति में उसके मामा को सौंपा गया।

ज्ञात हो कि विगत 15 अप्रैल से बिट्टू घोष केंद्रीय अस्पताल ढोरी में सीसीएल के सुरक्षा विभाग की देख रेख में रह रहा था। उसकी हालत पूर्व में मिलने के समय से बहुत अच्छी हो गई है। बिट्टू घोष के घर वाले को खोजने में क्षेत्रीय सुरक्षा पदाधिकारी सीताराम यूइके तथा क्षेत्रीय सुरक्षा प्रभारी उमाशंकर महतो के नेतृत्व में पूरा सीसीएल सुरक्षा विभाग तथा अस्पताल प्रबंधन लगा था।

केंद्रीय अस्पताल ढोरी के सीएमओ डॉ अरविंद कुमार (CMO Dr Arwind Kumar) ने कहा कि जब से बिट्टू यहां आया, तब से इसका उचित इलाज अस्पताल के द्वारा किया जा रहा था। हम लोगों ने इसे पूरे सहूलियत के साथ यहां रखा। कभी-कभी यह बाहर भी निकल जाता था।

उसके मामा रतन घोष ने बताया कि इसका वास्तविक नाम कल्याण आशीष घोष है। प्यार से लोग इसे बिट्टू बुलाते हैं। यह खलतीपुर, कलियाचक, मालदा जिला, पश्चिम बंगाल का रहने वाला है। इसके पिता का नाम स्व० सदानंद घोष है। उन्होंने बताया कि बिट्टू विगत 4 महीने से लापता है।

इसकी बहुत खोज की जा रही थी, पर इसका पता नहीं चल पा रहा था। सोशल मीडिया के द्वारा बिट्टू के जीजा ने इसकी पहचान की तथा हम लोगों से संपर्क किया। उसके मामा ने बिट्टू के बारे में बताया कि वह कभी स्कूल गया नहीं है।

परंतु वह इंग्लिश और हिंदी बहुत अच्छी तरह से पढ़ लेता है। साथ हीं इंग्लिश में सभी से बात भी करता है। क्षेत्रीय सुरक्षा प्रभारी उमाशंकर महतो ने कहा कि इसके परिजन के खोजबीन में क्षेत्रीय सुरक्षा पदाधिकारी सीताराम यूइके के नेतृत्व में पूरा विभाग तथा अस्पताल प्रबंधन का बहुमूल्य योगदान रहा है।

उन्होंने बताया कि अभी कुछ दिनों पहले यह अस्पताल के पीछे की गेट से बाहर चला गया था। काफी खोजबीन के बाद यह फुसरो स्टेशन में बैठा मिला था।

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