प्रहरी संवाददाता/रामगढ़ (झारखंड)। झारखंड के रामगढ़ में 10 अक्टूबर का दिन काला दिवस के रूप में सामने आया है। यहां दो अलग-अलग सड़क हादसे में तीन स्कूली बच्ची समेत चार राहगीरों की मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार चावल लदा ट्रक के नीचे दबने से चार बच्चियों में तीन की मौके पर ही जान चली गई। घटना में ड्राइवर समेत एक अन्य बच्ची गंभीर रूप से घायल बतायी जा रही है। जिसका अस्पताल में इलाज चल रहा है। वहीं दूसरी घटना एनएच 33 पर कोठार के सरना उच्च विद्यालय के निकट घटित हुआ, जहां ट्रेलर ने युवक को रौंद दिया। जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
बताया जाता है कि 10 अक्टूबर की सुबह रामगढ के पटेल चौक के रॉबिन होटल के समीप एक ट्रेलर ने एक युवक को रौंद दिया। जिससे मौके पर हीं युवक ने दम तोड़ दिया। दुर्घटना के बाद ट्रेलर वहां से फरार हो गया। इस हादसे के बाद आक्रोशित ग्रामीण रहिवासियों पूरी तरह से रामगढ़-रांची सड़क मार्ग को जाम कर दिया।
पुलिस घटनास्थल पर पहुंचकर जाम हटवा ही रही थी, इसी दौरान रांची की तरफ से आ रहे चावल लदा ट्रक क्रमांक-UP44AT/ 2365 का चुटूपालू घाटी में ब्रेक फेल हो गया। जिससे घाटी से उतरते ही ट्रक का रफ्तार इतनी तेज हो गया कि ड्राइवर का नियंत्रण उस पर नहीं रहा। ट्रक रामगढ़ पटेल चौक के मुर्रामकला गांव के समीप एनएचएआई का सर्विस रोड से मुख्य सड़क किनारे जा रही बच्चियों के ऊपर अनियंत्रित हो कर पलट गया। जिससे सभी बच्चे ट्रक के नीचे दब गए। इस घटना में तीन बच्ची की मौत हो गई और एक गंभीर रूप से घायल हो गई।
रहिवासियों के अनुसार महाअष्टमी के दिन कुछ बच्चियां मुराम कला गांव से पूजा करने माया टुंगरी मंदिर जा रही थी। घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा है। सभी बच्चियों की उम्र 8 से 18 वर्ष के बीच बतायी जा रही है। हादसे के बाद सभी घायलों को सदर अस्पताल रामगढ़ भेजा गया। गंभीर रूप से घायल नैना कुमारी को रिम्स रांची भेज दिया गया।
दुर्घटना के तुरंत बाद भारी संख्या में पुलिस बल के साथ एसडीपीओ परमेश्वर प्रसाद के नेतृत्व में पुलिस टीम पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में किया। ग्रामीणों का कहना है कि चुटुपालू घाटी से पटेल चौक तक गाड़ियां काफी स्पीड में आती है। जिसके कारण यहां आयेदिन दुर्घटना हो रही है। रहिवासियों के अनुसार गाड़ियों की स्पीड पर नियंत्रण करने की जरूरत है। इसके लिए यहां स्पीड ब्रेकर लगना जरूरी है।
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