प्रहरी संवाददाता/सारण (बिहार)। सारण जिला के हद में सोनपुर नगर मण्डल भाजपा द्वारा रजिस्ट्री बाजार स्थित भाजपा कार्यालय में 16 अगस्त को नगर मण्डल भाजपा द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री स्व.अटल बिहारी वाजपेई को 7 वी पुण्यतिथि मनाई गई।
जानकारी के अनुसार सोनपुर नगर अध्यक्ष मुकेश कुमार सिंह बब्लु की अध्यक्षता में पूर्व प्रधानमंत्री स्व. वाजपेयी को 7वीं पुण्यतिथि भाजपाईयों द्वारा श्रद्धा सुमन अर्पित कर राष्ट्र के प्रति उनके योगदानों को याद किया गया। मौके पर सिवान पश्चिम जिला प्रभारी लाल बाबू कुशवाहा ने कहा कि दिवंगत अटल बिहारी वाजपेयी भारत के दसवें प्रधानमन्त्री थे। उन्होंने प्रधानमंत्री का पद तीन बार संभाला है। वे पहले 13 दिन के लिए 16 मई 1996 से 1 जून 1996 तक, फिर लगातार 2 बार; 8 महीने के लिए 19 मार्च 1998 से 13 अक्टूबर 1999 और फिर वापस 13 अक्टूबर 1999 से 22 मई 2004 तक भारत के प्रधानमन्त्री रहे।
भाजयुमों प्रदेश क्षेत्रीय प्रभारी आशुतोष कुमार रितेश ने कहा कि दिवंगत बाजपेयी हिन्दी कवि, पत्रकार व एक प्रखर वक्ता थे। वे भारतीय जनसंघ के संस्थापकों में एक थे, और 1968 से 1973 तक उसके अध्यक्ष भी रहे। उन्होंने लम्बे समय तक राष्ट्रधर्म, पाञ्चजन्य (पत्र) और वीर अर्जुन आदि राष्ट्रीय भावना से ओत-प्रोत अनेक पत्र-पत्रिकाओं का सम्पादन भी किया। वरीय भाजपा नेता नरेश सिंह ने कहा की अटलजी चार दशकों से भारतीय संसद के सदस्य थे।
लोकसभा, निचले सदन, दस बार और दो बार राज्य सभा, ऊपरी सदन में चुने गए थे। उन्होंने लखनऊ के लिए संसद सदस्य के रूप में कार्य किया। वर्ष 2009 तक उत्तर प्रदेश जब स्वास्थ्य सम्बन्धी चिन्ताओं के कारण सक्रिय राजनीति से सेवानिवृत्त हुए। भाजपा नगर अध्यक्ष मुकेश कुमार सिंह बब्लु ने कहा कि अपना जीवन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक के रूप में आजीवन अविवाहित रहने का संकल्प लेकर प्रारम्भ करने वाले वाजपेयी राष्ट्रीय जनतान्त्रिक गठबन्धन (राजग) सरकार के पहले प्रधानमंत्री थे, जिन्होंने गैर काँग्रेसी प्रधानमंत्री पद के 5 वर्ष बिना किसी समस्या के पूरे किए।
आजीवन अविवाहित रहने का संकल्प लेने के कारण इन्हे भीष्म पितामह भी कहा जाता है। उन्होंने 24 दलों के गठबन्धन से सरकार बनाई थी, जिसमें 81 मंत्री थे। वर्ष 2005 से वे राजनीति से संन्यास ले चुके थे और नई दिल्ली में 6-ए कृष्ण मेनन मार्ग स्थित सरकारी आवास में रहते थे। बताया कि 16 अगस्त 2018 को लम्बी बीमारी के बाद अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, दिल्ली में उनका निधन हो गया। वे जीवन भर भारतीय राजनीति में सक्रिय रहे। वाजपेयी प्रधानमन्त्री पद पर पहुंचने वाले मध्यप्रदेश के प्रथम व्यक्ति थे।
धन्यवाद ज्ञापन महामंत्री ज्ञानसागर सिंह ने किया। जबकि मौके पर प्रदेश क्रीड़ा प्रकोष्ठ प्रभारी अभय कुमार सिंह, प्रदेश भाजपा नेता ओमकुमार सिंह, सुनील दुबे, धनंजय सिंह, संजीव कुमार सिंह, अरुण कुमार सिंह, राजेश सिंह सोलंकी, राणा विमल सिंह, राजन कुमार दास, कांति देवी, कृष्णन्दन दास, दुर्गा दास, अशोक कुमार सिंह, सूर्य प्रकाश सिंह, उदय प्रताप, राजेश कुमार राज, जेपी सेनानी मान्धाता सिंह, अजय कुमार सिंह, गौतम कुमार सिंह, राकेश कुमार सिंह, जीतेन्द्र कुमार सिंह जीतू सहित काफ़ी संख्या मे कार्यकर्त्ता शामिल हुए।
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