समस्याओं का किया जाएगा समाधान-डीपी
एन.के.सिंह/फुसरो (बोकारो)। गिरिडीह (Giridih) संसदीय क्षेत्र के 16वीं लोकसभा सांसद रबींद्र कुमार पांडेय ने बीते 6 सितंबर को पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित कोल इंडिया मुख्यालय में कोल इंडिया के निदेशक (कार्मिक) विनय रंजन से मिलकर सीसीएल (CCL) एवं बीसीसीएल (BCCL) में व्याप्त समस्याओं को लेकर चर्चा की। साथ हीं उसके निदान करने का आग्रह किया।
पूर्व सांसद पांडेय ने डीपी से कहा कि माइनिंग सरदार, ओवरमैन एवं सर्वेयर की बहाली की ओर ध्यान आकृष्ट कराते हुए कहा कि डीजीएमएस से माइनिंग सरदार, ओवरमैन एवं सर्वेयर की दक्षता प्रमाण-पत्र प्राप्त हजारों युवक भर्ती/बहाली के इंतजार में बेरोजगार बैठे हैं।
जिनका उम्र भी समाप्ति की ओर है। काफी लंबे समय से यहां उपरोक्त बहालियां नहीं हुई है। जबकि माइंस को सुरक्षित चलाने हेतु माइनिंग स्टाफों की पर्याप्त संख्या होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि सूत्रों के अनुसार लगभग 4 से 5 हजार पद रिक्त हैं। उन्होंने बहाली निकालकर इन पदों को शीघ्र भरने का आग्रह किया। इसके अलावा उन्होंने सफाई कर्मी, नर्स, पारा मेडिकल स्टाफों की बहाली के साथ-साथ वैसे श्रमिकों के आश्रितों को नियोजन की ओर ध्यान दिलाया, जो मेडिकल अनफिट के तहत मृत्यु शैया पर पड़े हैं।
इसके अलावा पूर्व सांसद पांडेय ने विस्थापितों की समस्या पर चर्चा करते हुए कहा कि विस्थापितों के जमीन के बदले नौकरी एवं मुआवजा की समस्या का समाधान कोल इंडिया के नियमों के अनुरूप एक समय सीमा निर्धारित कर पैकेज के तहत किया जाए। साथ ही रैयतों से अधिग्रहित की गई जमीन जिसकी प्रबंधन को जरूरत नहीं है, संबंधित रैयतों को वापस कर दिया जाय। ताकि वो उस पर खेती कर सके अथवा आवश्यकता पड़ने पर उसे बेच सके।
कोरोना के तीसरी लहर के आशंका के बीच सीसीएल एवं बीसीसीएल प्रबंधन द्वारा किए जा रहे इंतजाम पर चर्चा करते हुए पूर्व सांसद ने कहा कि सीसीएल के बोकारो-करगली क्षेत्र, ढोरी एवं कथारा के बीच एक ऑक्सीजन प्लांट एवं केंद्रीय अस्पताल ढोरी में वेंटीलेटर युक्त आईसीयू बेड की व्यवस्था के साथ-साथ बीसीसीएल के डुमरा स्थित अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट के साथ वेंटीलेटर युक्त आईसीयू बेड एवं लाइफ सपोर्ट सिस्टम आधारित एंबुलेंस की व्यवस्था की जाय।
इसके अलावा खासकर बीसीसीएल में जर्जर क्वार्टरों की शीघ्र मरम्मत करने एवं कोलियरियों में कैंटीन एवं शौचालय की व्यवस्था करने का आग्रह किया। पांडेय ने सर्वे ऑफ क्वार्टरों को लीज पर देने एवं उस में रह रहे गरीब परिवारों को आवश्यकता पड़ने पर ही खाली कराने का आग्रह किया। कॉलोनियों में शुद्ध पेयजल व समुचित रॉ-वाटर की आपूर्ति सुनिश्चित करवाने का आग्रह किया।
उन्होंने चर्चा करते हुए कहा कि सीसीएल के ढोरी औऱ कथारा क्षेत्रों में सप्ताह-सप्ताह पेयजल की आपूर्ति नहीं होती है। उन्होंने कहा कि कोयला उद्योग के राष्ट्रीयकरण के समय से ही जो फिल्टर प्लांट बने हैं, उसी से पानी की आपूर्ति होती है। जबकि पानी के नाम पर प्रतिवर्ष करोड़ों रुपए खर्च कर दी जाती है।
पांडेय ने कॉलोनियों में नाली, गारवेज की नियमित सफाई एवं कॉलोनियों में पर्याप्त मात्रा में स्ट्रीट लाइट लगाने की ओर ध्यान आकृष्ट कराया। पूर्व सांसद पांडेय के द्वारा उठाए गए समस्याओं को गंभीरता पूर्वक लेते हुए कोल इंडिया डीपी ने इसपर सकारात्मक पहल करने का आश्वासन दिया।
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