रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में कसमार प्रखंड का सुदूरवर्ती गांव पाड़ी के जन्मभूमि, जहाँ अपने बचपन के दिनों में अपनों के साथ खेल-कूद कर कई यादें संजोई थी। गोमिया के पूर्व विधायक डॉ लंबोदर महतो 25 अक्टूबर को उसी पावन भूमि पर आयोजित सोहराय, चांचइर और बरदखूंटा जैसे पारंपरिक सांस्कृतिक कार्यक्रमों में शामिल हुए।
इस अवसर पर पुर्व विधायक अपने पुराने सहपाठियों और ग्रामवासियों के साथ मिलकर सोहराय पर्व को उत्साह और उमंग के साथ मनाया। पूरे गांव में पारंपरिक नृत्य, गीत और लोक-संस्कृति की झलक देखने को मिली। इस अवसर पर पुर्व विधायक डॉ महतो ने कहा कि अपने पैतृक गांव की मिट्टी से जुड़ना हमेशा आत्मिक सुख देता है। उन्होंने कहा कि सोहराय जैसे पर्व हमारी संस्कृति, एकता और प्रकृति के प्रति सम्मान का प्रतीक हैं। यह पर्व हमें अपनी जड़ों से जोड़ता है। साथ हीं यह पर्व सामूहिक सौहार्द का संदेश देता है। इस अवसर पर ग्रामीण रहिवासियों ने भी पूर्व विधायक के साथ मिलकर पारंपरिक तरीके से पूजा-अर्चना की और एक-दूसरे को सोहराय पर्व की शुभकामनाएं दी।
![]()













Leave a Reply